संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने धोखाधड़ी बेईमानी से संपत्ति के वितरण कूट रचना कर ठगी जाली दस्तावेज का इस्तेमाल कर असली दिखाना आपराधिक षड्यंत्र के मामले में आरोपी बनाए गए अबरार अहमद की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद रिहा करने का आदेश दिया है।
अबरार अहमद पर आरोप है कि उसने अपंजीकृत वसीयत में गवाह के स्थान पर हस्ताक्षर किए हैं। कोतवाली खलीलाबाद अंतर्गत कस्बा मगहर निवासी जन्नतु निशा ने मामले में मंडलायुक्त बस्ती के यहां प्रार्थनापत्र देकर केस दर्ज कराया था। इसकी विवेचना में अबरार अहमद का नाम प्रकाश में आया। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में अबरार अहमद ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थनापत्र सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम की कोर्ट में दाखिल किया। कहा कि वह निर्दोष है। उसने कोई जुर्म नहीं किया है न ही कहीं हस्ताक्षर किए हैं। सुनवाई के बाद आरोपी अबरार अहमद की जमानत स्वीकार करते हुए रिहा करने का आदेश दिया है।