- बेलहर क्षेत्र में पात्र व्यक्ति को आवास के लाभ से वंचित करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सीजेएम अनिल कुमार की कोर्ट ने प्रधानमंत्री आवास योजना में धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाए गए तीन व्यक्तियों के विरुद्ध विवेचक की प्रेषित फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल हुई। प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र को सीजेएम कोर्ट ने स्वीकार कर अग्रिम विवेचना का आदेश थाना बेलहर कला की पुलिस को दी है।
अधिवक्ता ताजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि पीड़िता उषा देवी पत्नी बाबू लाल निवासी ग्राम सुम्हा थाना दुधारा ने कोर्ट में तहरीर दिया कि वर्ष 2021 में पीएम आवास योजना में आवास के लिए चयन हुआ। आवास निर्माण हेतु प्रथम किस्त चालीस हजार रुपये विभाग ने उसके खाते में भेजा। आरोप लगाया कि दूसरी किस्त की प्रतीक्षा में थी कि आरोपी बबलू निषाद, गौतम व राजू राय उस समय तैनात तत्कालीन कर्मचारी बेलहर ब्लाॅक उसके पति बाबूलाल से जियो टैग के नाम पर 5000 रुपये की डिमांड किए। नहीं देने पर कहा गया कि रुपये आप के खाते में गलती से चला गया। इसके बाद उसने सात जुलाई 2022 को परियोजना निदेशक को प्रार्थना पत्र दिया जिस पर द्वितीय किस्त जारी करने का आदेश बीडीओ बेलहर कला को दिए लेकिन सुविधा शुल्क न पाने के कारण कागजों में हेरफेर करके द्वितीय किश्त रोक दिए और सरकारी योजना के लाभ से वंचित कर दिए।
कोर्ट के आदेश पर थाना बेलहर कला मे तीनों आरोपियों के विरुद्ध कई धाराओं में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के पश्चात फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में प्रेषित किया। विवेचक की प्रेषित फाइनल रिपोर्ट स्वीकार नहीं है। निरस्त करते हुए अग्रिम विवेचना कराया जाना आवश्यक है। सीजेएम अनिल कुमार की कोर्ट ने मामले के समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए विवेचक द्वारा प्रेषित अंतिम आख्या को निरस्त करते हुए अग्रिम विवेचना कराए जाने का आदेश थानाध्यक्ष बेलहर कला को दिया है तथा इस मामले में नौ मई तक विवेचना के परिणाम से न्यायालय को भी अवगत कराने का आदेश दिया है।