संतकबीरनगर। जुलाई माह में लगन की तिथि कम है। इस माह में तय शादियों की तैयारियों में लोग जुटे हैं। कम लगन होने के कारण पुरोहित, बैंडबाजा और मैरिजहाल की मांग तेज हो गई है। एक ही तिथि पर मांग अधिक होने से दिक्कतें बढ़ीं हैं।
पिछले माह मई में लगन नहीं था। जून माह में भी लगन नहीं है। जुलाई माह में लगन सिर्फ सात दिनों का है। जिन लोगों ने अपने पुत्र-पुत्रियों की शादी जुलाई माह में तय की है। वह तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि प्रचंड गर्मी की वजह से दिन के समय बाजारों में चहल पहल नहीं है। जो भी खरीदारी है वह लोग शाम के समय बाजार में निकल कर कर रहे हैं। शादी कराने के लिए पुरोहित, बैंडबाजा और मैरिजहाल की बुकिंग तेज हो गई है। लोगों को डर है कि कहीं अधिक विलंब होने के कारण मैरिजहाल आदि की बुकिंग में दिक्कत न हो।
जुलाई माह के शुक्लपक्ष में नौ से 15 जुलाई तक केवल सात लगन है। 17 जुलाई को हरिशयनी एकादशी से फिर लगन को विराम लग जाएगा। जुलाई में लगन कम होने के कारण ज्यादातर तिथियों पर बुकिंग हो गई है।
नौ से 15 जुलाई तक केवल सात लगन है। 17 जुलाई को हरिशयनी एकादशी के साथ फिर से लगन पर विराम लग जाएगा। नौ और 11 जुलाई को रात दिन दोनों समय विवाह का मुहूर्त है। जबकि 13 जुलाई को दिन में और 14 को रात में विवाह का मुहूर्त है। 15 जुलाई को दिन और रात दोनों समय विवाह का मुहूर्त है।
पंडित श्यामदेव मिश्र, पुरोहित
जुलाई माह में लगन कम है। कुल सात दिन के लगन में मैरिज हाल की पांच बुकिंग हो चुकी है। कई लोग एक ही तिथि पर मैरिज हाल की मांग कर रहे हैं। पहले से उस तिथि पर बुकिंग होने के कारण उन्हें बुकिंग के लिए दूसरे मैरिज हाल का सुझाव दिया जा रहा है।
-अमित जायसवाल, मैरिज हाल मालिक
बैंडबाजा के लिए अभी तक चार बुकिंग मिली है। जुलाई माह के लगन को अभी एक माह शेष है। जिन्होंने अपने पुत्र पुत्रियों की शादी जुलाई में तय की है। वह बैंडबाजा बुकिंग के लिए आ रहे हैं। हालांकि लगन कम और गर्मी अधिक होने के कारण ज्यादातर शादियां दिसम्बर की लगन में खिसक गई हैं।
-नन्दलाल, बैंडबाजा मालिक