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Sant Kabir Nagar News: डीएम के निर्देश पर टीम ने सती मंदिर स्थल की जांच की

Sun, 25 Aug 2024 05:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- पुराने नाली को चौड़ा करनेे के निर्माण पर दोनों पक्ष सहमत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। नगर पंचायत द्वारा बनाए जा रहे नाले की खुदाई में सती माता मंदिर की नींव में सरिया व ईंट निकले। हिंदू वादी लोगों ने मंदिर की नींव मिलने पर कार्य रुकवाते हुए शुक्रवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को एक पत्र देकर मंदिर से होकर नाला निर्माण रुकवाने की मांग सामने रखी। जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को राजस्व, पुलिस व नगर पंचायत बखिरा की संयुक्त टीम ने मौके की जांच कर पुराने नाले का ही निर्माण करने पर दोनों पक्ष सहमत हुए।
नाला निर्माण के दौरान नाला खोदाई में सरिया व ईंट निकलने पर कन्हैया कुमार निवासी लेडुआ-महुआ ने जिलाधिकारी से शुक्रवार को शिकायत की थी कि पूर्व में निर्मित नाली मौजूद होने के बावजूद नगर पंचायत नाला निर्माण के लिए जेसीबी से खोदाई कार्य करा रहा है। खुदाई के दौरान सैकड़ों वर्ष पुरानी सती माता मंदिर के नींव की सरिया व ईंट निकली है। मौके पर पहुंचकर दयाशंकर, कन्हैया, रामकुमार तुरैहा समेत अन्य लोगों ने नाला खोदाई रोक दिया। इसकी शिकायत शुक्रवार को जिलाधिकारी को दी गई। जिलाधिकारी ने एक टीम गठित करके शनिवार को मौके पर भेजकर मामले का निस्तारण करके रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।
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शनिवार को मौके पर पहुंचकर तहसीलदार जनार्दन मौर्या ने लेखपाल रितेश शाह व लेखपाल संजय यादव व अवर अभियंता ईश्वरचंद सिंह व दोनों पक्षों की उपस्थिति में पैमाइश करके पुराने नाली को ही थोड़ा चौड़ा करके निर्माण करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों के कन्हैया, रामकुमार, दयाशंकर, राजेश गुप्ता व चेयरमैन मो. आमिर, जावेद अहमद ने भी आपस में सुलह करके पूर्व निर्मित नाली को ही कुछ चौड़ा करके बनाए जाने पर सहमति जताई।


लोगो ने सती माता मंदिर निर्माण की मांग की

बखिरा। नाला खुदाई में मिले सती मंदिर के नींव व ईंट को देखकर लोगों में खुशी है। क्षेत्र के लोगों ने सती मंदिर के निर्माण की अनुमति देने की मांग जिलाधिकारी से की है।
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बृहस्पतिवार को नींव में मंदिर के सरिया व ईंट मिलने पर हिंदुओ में प्रसन्नता है। सैकड़ों वर्ष पुराने मंदिर में श्रद्धालु पूजन अर्चन करते थे। अभी भी तिलछट्ठी पर्व पर व्रती महिलाएं इस स्थान पर प्रतिवर्ष पूजा करती है। कालांतर में मन्दिर जीर्ण-शीर्ण होकर ध्वस्त हो गया।
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