- ठगी के बाद अब ऑफलाइन खरीदारी पर जता रहे भरोसा, व्यापारी भी हो रहे संतुष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बदलते जमाने के साथ लोगों में ऑनलाइन शाॅपिंग का रुझान बढ़ा है, लेकिन ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों को बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इससे लोग ठगी का भी शिकार हो रहे हैं। जो सामान वह मंगा रहे हैं उसकी जगह उन्हें टूटा सामान या अन्य कोई सामान भेज दिया जा रहा है। जिससे उनके सामने दिक्कतें भी आ रही हैं। वहीं अब ऑफलाइन खरीदारी लोगो को भा रहा है। कुछ ट्रेड को छोड़ अधिकतर ट्रेड पर ऑफलाइन कारोबार में तेजी है।
ऑनलाइन कारोबार में देशी-विदेशी कंपनियों के कारण बाजार बदहाल हो रहे हैं। शहर ही नहीं ऑनलाइन कारोबार अब गांवों के खरीदारों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। सराफा आदि कुछ ट्रेड को छोड़ दें तो कपड़ा, मोबाइल फोन, काॅस्मेटिक्स, बर्तन, गल्ला, किराना लगभग सभी ट्रेड ऑनलाइन कारोबार से प्रभावित हैं। ऑनलाइन सामान बाजार से सस्ता होने और खरीद पर अच्छा डिस्काउंट मिलने से ग्राहक खीचे चले जा रहे हैं। लेकिन दुकानदारों के मुताबिक ऑनलाइन सामान गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरते, सामानों की कोई गारंटी नहीं होती। लगातार मिल रहे धोखे के चलते लोग अब ऑफलाइन खरीदारी पर जोर दे रहे हैं।
बाजारों में ऑफलाइन खरीदारी ने फिर पकड़ी रफ्तार
बर्तन व्यवसायी मनोज सिंह का कहना है कि ब्रांडेड आइटम लोग ऑनलाइन मंगा रहे हैं। ग्राहक को ऑनलाइन थर्मस 1200 का मिल रहा है वहीं थर्मस दुकान पर 1350 रुपये का है जिससे ग्राहक दुकान पर नहीं टिकते। अधिकतर ग्राहक दुकान पर केवल मोलजोल कर रहे हैं और सामान की खरीदारी ऑनलाइन कर रहे हैं। जब धोखा खा रहे हैं तो ऑफलाइन खरीदारी पर जोर दे रहे हैं। वहीं दवा व्यवसायी संजीव भाटिया का कहना है कि ऑनलाइन कारोबार के कारण 50 फीसदी दवा कारोबार प्रभावित हुआ है। ऑनलाइन खरीदारी पर दवा कंपनियां 25 से 40 फीसदी डिस्काउंट देती हैं। जिससे दुकानों पर दवा की बिक्री कम हुई है। लेकिन अब लोग फिर दुकानों से ही दवा खरीदने पर जोर दे रहे हैं।
बोले खरीदार
नापतौल डॉट कॉम से 1600 रुपये में घड़ी मंगाई थी। जब पार्सल आया और डिब्बा खोला तो देखा कि जो मॉडल दिखाया था वह नहीं है। घड़ी बंद थी। साथ ही वह काफी हल्की थी। उसे वापस किया तो रकम खाते में नहीं आया। उसकी जगह दूसरा सामान खरीदने का विकल्प दिया गया। जिसके बाद दूसरे सामान का ऑर्डर दिया।
- शैलेंद्र श्रीवास्तव, खरीदार, बड़गो
फेसबुक पर आए लिंक पर ऑनलाइन खरीदारी के लिए पंद्रह दिन पहले ऑनलाइन मोबाइल फोन का ऑर्डर दिया था। पांच हजार के भुगतान के बाद उसे जो पार्सल मिला। उसमें मोबाइल फोन की जगह एक बेल्ट व पर्स निकला है। कंपनी के फोन नंबर पर संपर्क किया गया तो वह बंद मिला।
- शिवेंद्र सिंह, खरीदार, ओनिया
बोले व्यवसायी
ऑनलाइन खरीदारी से ठगे लोग दुकानों की ओर रुख कर रहे हैं। अब लोग मोबाइल फोन समेत अन्य सामान दुकानों से ही खरीद रहे हैं। जिससे ऑनलाइन सामान की बिक्री पर असर पड़ रहा है।
- अमरजीत सिंह, दुकानदार
ऑनलाइन कारोबार का खामियाजा दुकानदार उठा रहा था। लाखों-करोड़ों लगाकर ग्राहकों की टकटकी लगाए दुकान पर बैठा रह रहा था। सस्ता, सुलभ व छूट की लालच में ग्राहक ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं और धोखा खा रहे हैं। ऑनलाइन खरीदारी का प्रचलन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। अब बाजारों में रौनक आ रही है।
- बनार्जीलाल अग्रहरि, उपाध्यक्ष, व्यापार मंडल