धनघटा। क्षेत्र के परसा गांव के पास राम जानकी मार्ग का निर्माण किसानों ने लंबे समय से रोक रखा है। सड़क बनने में कठिनाई आ रही है। रविवार को किसानों को समझाने एसडीएम पहुंचे। लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हैं। एसडीएम और किसानों के बीच वार्ता सफल नहीं हुई। फिर सोमवार को बातचीत करने का बात कहकर एसडीएम लौट आए।
जनवरी में राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य जिले के रामपुर बारहकोनी से शुरू हुआ। मुश्किल से छह किलोमीटर आगे आने के बाद कार्य को परसा गांव के किसान यह कहते हुए रोक दिए यह सड़क किसानों की जमीन से होकर गई हुई है। उसका मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना अधिक तो मिलना ही चाहिए साथ ही साथ जो जमीन किसानों की अधिग्रहित की जा रही है। उसका भी सड़क के किनारे का सर्किल रेट होना चाहिए। कार्यदायी संस्था ने किसानों से बातचीत के जरिए कार्य कराने का तमाम कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाई। उसके बाद करीब दो किलोमीटर सड़क निर्माण को छोड़कर आगे कार्य शुरू किया गया। तभी से यहां पर सड़क रुकी पड़ी है। रविवार को एसडीम उत्कर्ष श्रीवास्तव परसा गांव में पहुंचकर किसानों से संपर्क किए। किसानो और एसडीएम के बीच चली दो घंटे के वार्ता के दौरान किसान शकील अहमद, हाफिज यति मुल्लाह, राम भवन पाठक, कमलेश तिवारी, रफीक अहमद आदि ने कहा कि सड़क किसानों की जमीन में गई हुई है। उसके संपूर्ण हिस्सा का मुआवजा सर्किल की रेट से चार गुना अधिक मिलना चाहिए। जिस पर एसडीएम ने कहा कि अगर सर्किल रेट से समस्या है तो इसके लिए जिलाधिकारी से मिले। किसानों ने कहा कि गजट में किसानों का कम रकबा दिखाया गया है। इस पर एसडीएम ने कहा कि कल संयुक्त सर्वे होगा और फिर से निर्धारित किया जाएगा की किस किस की कितनी भूमि सड़क से प्रभावित है। एसडीएम ने कहा कि इस मामले को लेकर किसान न्यायालय में गए हैं। न्यायालय का जो आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।