राम जानकी मार्ग के निर्माण में आने वाली बाधा हो रही दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जनकपुर से अयोध्या तक जाने वाले राम जानकी मार्ग के निर्माण में जिले में आने वाली बाधा दूर होती नजर आ रही है। जो किसान अब तक अपनी जमीन की उचित कीमत मांग को लेकर अड़े हुए थे। वह अब अधिग्रहण के लिए सहमति पत्र तहसील में पहुंचकर देने लगे हैं। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले मई 2024 से अयोध्या धाम का सफर आसान हो जाएगा।
धनघटा तहसील क्षेत्र में 35 किलोमीटर दूरी में राम जानकी मार्ग के निर्माण का कार्य चल रहा है। 131.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क के चौड़ीकरण कार्य में 46 गांव के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। जिनमें से 11 गांवों के किसानों से सहमति पत्र मिलने का दावा करते हुए एनएच के अधिकारी बता रहे हैं कि इनमें से करीब सभी गांव के किसानों को मुआवजा राशि भी भेजी जा रही है। शेष 35 गांव के लोगों से सहमति पत्र लेने के लिए तहसील सभागार में प्रतिदिन कैंप लगाया जा रहा है। जहां ग्राम वार किसान पहुंचकर कागजात जमा कर रहे हैं। मडपौना से शनिचरा बाजार तक जिन किसानों की जमीन राम जानकी मार्ग के निर्माण कार्य में अधिग्रहित की जाने वाली है। उन गांव के किसान भी अपना कागजात जमा करने के लिए तहसील पहुंच रहे हैं। किसान रामनिवास, दयाशंकर, प्रसिद्ध नारायण पांडेय, संजय कुमार, राजन राय आदि का कहना है कि सड़क के किनारे किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन उनको गांव का सर्किट रेट मुआवजा के रूप में दिया जा रहा है। किसान अब तक उचित रेट मिलने के उम्मीद में निर्माण कार्य रोकें थे। नेताओं से लेकर अधिकारियों तक से सड़क के किनारे का सर्किट रेट दिलाए जाने का फरियाद कर रहे थे, लेकिन जब उनकी कहीं पर सुनवाई होने वाली नहीं है। तो मजबूरी में धन देख जात, आधा ले बाट वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए सहमति पत्र दे रहे हैं। एनएच के अधिकारियों का कहना है कि सड़क के निर्माण कार्य में आने वाली बाधा दूर होने लगी है। किसानों के सहयोग से सड़क का निर्माण कार्य अब तेजी के साथ होगा। जिससे निर्धारित तिथि मई 2024 तक जिले की सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण हो जाए।
राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य में 46 गांव के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। जमीन अधिग्रहण के लिए तहसील सभागार नियमित कैंप लगाकर कागजात जमा करने के बाद किसानों के बैंक खाते में मुआवजा राशि भेजा जा रहा है। अब तक सड़क के निर्माण का 16 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। किसानों के सहयोग से शेष कार्य भी निर्धारित अवधि तक पूर्ण हो जाने की उम्मीद है।
अमित कुमार तिवारी, कंसलटेंट एनएच बस्ती