अब सभी बच्चों को मिलेगा सीएम बाल सेवा योजना का लाभ
बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, माता-पिता जेल में हैं तो भी मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के नियमों में अब बदलाव कर दिया गया है। अब सभी प्रकार के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। जिनकी माता तलाक शुदा स्त्री या परित्यक्ता हैं या जिनके माता-पिता या परिवार का मुखिया जेल में हैं, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, वेश्यावृत्ति से मुक्त कराए गए बच्चों को भी इस योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। भिक्षावृत्ति में शामिल परिवारों के बच्चों को भी आर्थिक मदद मिलेेगी।
कोविड के चलते अनाथ हुए बच्चों के लिए चलाई गई मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में बड़ा बदलाव किया है। इसका नाम उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य कर दिया गया है। इसके तहत अब केवल कोविड के चलते ही नहीं, बल्कि किसी भी कारण से अनाथ हुए सभी 18 साल तक की उम्र के बच्चों को ढाई हजार रुपये हर माह मिलेंगे।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. श्वेता ने बताया कि इस योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा जिनके माता या पिता में से एक या फिर दोनों की मौत मार्च 2020 के बाद हुई है। इस योजना का लाभ एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को मिल सकेगा। योजना के अंतर्गत पात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवार के बच्चों को हर महीने 2500 रुपये की सहायता धनराशि दी जाएगी।
यदि अनाथ हुए बच्चे की उम्र 18 साल से ज्यादा है तो उस बच्चे को 23 साल की उम्र पूरी होने तक या ग्रेजुएशन पूरा होने तक या दोनों में से जो भी पहले पूरा होगा, योजना का लाभ मिलता रहेगा। इसमें कक्षा 12 तक की पढ़ाई, राजकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय अथवा तकनीकी संस्थान से स्नातक डिग्री अथवा डिप्लोमा करने वालों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा नीट, क्लैट और जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की या राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में सफल बच्चे भी इस योजना का लाभ पाएंगे। जिले में अब तक कुल 170 बच्चों को इस योजना के तहत लाभ देने का कार्य शुरू किया गया है।
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कोविड से मौत की नहीं है बाध्यता
केवल कोरोना से मृत अभिभावकों के बच्चों के लिए सरकार ने ‘उत्तर-प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ शुरू किया था। इसमें 18 वर्ष तक के उन बच्चों को ही 4000 रुपये प्रतिमाह देने की व्यवस्था है, जिनके अभिभावक की मौत कोरोना के करण हुई, लेकिन नई योजना इससे अलग है। ऐसे बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिल सकेगा, जिनकी माता तलाकशुदा स्त्री या परित्यक्ता हैं या जिनके माता-पिता या परिवार का मुखिया जेल में है। बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, वेश्यावृत्ति से मुक्त कराए गए बच्चों को भी इस योजना के तहत लाभ दिया दिया जाएगा।
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इन प्रपत्रों की होगी जरूरत
योजना का लाभ पाने के लिए बच्चे का आधार कार्ड, उनके माता या पिता की मृत्यु पर मार्च 2020 के बाद जारी मृत्यु प्रमाणपत्र, बच्चों का बैंक पासबुक और आय प्रमाणपत्र आवश्यक है। योजना के तहत अगर पति की मौत हुई है तो पत्नी को विधवा पेंशन से आच्छादित किया जाएगा।