मेंहदावल। क्षेत्र के 17 ग्राम पंचायतों में नियुक्त पंचायत सहायकों की अनुपस्थिति के कारण जनसेवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को प्रदत्त सुविधा नहीं मिल पा रही। ऐसे में अब अनुपस्थित चलने वाले पंचायत सहायकों की नौकरी पर खतरा मंडर गया है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायत के सचिवों, प्रधान, एडीओ पंचायत को पत्र भेजकर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को तरजीह देने के लिए पंचायतों में सचिवालयों की स्थापना कर संचालन के लिए पंचायत सहायक, अकाउंटेंट कम डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई है। शासन स्तर से व्यवस्था की गई है कि प्रतिदिन पंचायत सहायक मोबाइल एप पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
बीडीओ अमरेश सिंह चौहान ने बताया कि यूपी पीआरडी पोर्टल पर पंचायत सहायकों के जरिए दर्ज की गई उपस्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि पंचायत सहायक उपस्थिति ग्राम पंचायत सचिवालय पर दर्ज नहीं कर रहे हैं। न ही ग्राम पंचायत सचिव की ओर से पंचायत सहायकों की उपस्थिति व कार्य की समीक्षा की जा रही है।
सूची के अनुसार माह अप्रैल एवं मई में 10 से कम दिवस पर उपस्थिति दर्ज करने वाले 17 पंचायत सहायक सुधा, सत्येंद्र, सर्वेश सिंह, दीक्षा मिश्रा, कुमारी प्रियंका सिंह, अब्दुल करीम, रिजवाना खातून, आनंद कुमार, कृष्ण पाठक, आनंद कुमार, लक्ष्मी, पंकज आदि शामिल हैं।
डीपीआरओ अवनीश कुमार ने बताया कि शून्य एवं 10 दिन से कम उपस्थिति दर्ज करने वाले पंचायत सहायक, अकाउंटेंट कम डाटा एंट्री ऑपरेटर के कार्यों, उपस्थित पर अग्रेतर निर्णय लेने का अधिकार ग्राम पंचायत को है। पंचायत सहायकों की उपस्थिति के लिए बैठक की तिथि लिखित रूप से अवगत कराए, जिससे बैठक में उनका पक्ष भी प्राप्त किया जा सके। कार्य न करने वाले पंचायत सहायकों की संविदा समाप्त कराई जाएगी।