जिला अस्पताल में अधूरा पड़ा रैन बसेरा। संवाद
- आनन-फानन में जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में बनाया गया अस्थाई रैन बसेरा
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में तीन साल से मरीजों के तीमारदारों के लिए रैन बसेरे का निर्माण हो रहा है, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। लेटलतीफी पर शासन ने नाराजगी जताई तो अस्पताल के एमसीएच विंग के दो कमरों को रैन बसेरा बना दिया गया है। इससे निर्माणाधीन रैन बसेरे पर सवाल उठने लगे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन करीब 1200 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों और प्रसूताओं के तीमारदार रात में अस्पताल परिसर में ही ठहरते हैं। उनकी समस्या को देखते हुए वर्ष 2021 में जिला अस्पताल में मुख्य गेट के सामने रैन बसेरे का निर्माण शुरू हुआ। इस पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होने हैं। रैन बसेरे की छत लग गई है पर अन्य कोई कार्य नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि निर्माण पर 25 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन ठेकेदार को रकम का भुगतान नहीं किया गया। इस वजह से काम ठप पड़ा है। इधर, ठंड बढ़ी तो शासन ने अस्पतालों के रैन बसेरों को सक्रिय करने का निर्देश दिया। इसके बाद आनन -फानन जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के दो कमरों को अस्थाई रैन बसेरा के लिए तैयार किया गया है। इन कमरों में बेड के साथ ही गद्दे-रजाई आदि की व्यवस्था की गई है। कुल 14 बेड का रैन बसेरा बना है। साथ ही पीने के पानी के इंतजाम भी किए गए है। वही पर आरओ लगाया गया है।
सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि उनके स्तर से दो कमरों में 14 बेड का रैन बसेरा बना दिया गया है, ताकि मरीज के तीमारदारों को असुविधा न हो। इसके लिए एक कर्मचारी भी लगाया गया है।
जिला अस्पताल में रैन बसेरे का निर्माण अधूरा रहने की जानकारी ली जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरूद्ध कार्रवाई होगी।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम