- करोड़ों का होता है कारोबार पर सुविधाएं नहीं
-खलीलाबाद के बरदहिया में विभिन्न जनपदों से व्यापारी कारोबार के लिए आते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद के बरदहिया में विभिन्न जनपदों से व्यापारी कारोबार के लिए आते हैं। सप्ताह में दो दिन करोड़ो का व्यापार होता है, लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव है। न तो यहां पेयजल का इंतजाम है और न ही छत की व्यवस्था। मौसम की मार झेलते हुए व्यापारी कारोबार करते हैं। यही नहीं अक्सर यहां जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। जिससे आस-पास के क्षेत्रों के लोगों को आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
खलीलाबाद के बरदहिया बाजार में पूर्वांचल की सबसे बड़ी कपड़े की मंडी सजती है। शनिवार की शाम से ही यहां बाजार लगने लगती है। जबकि रविवार और सोमवार को थोक व फुटकर कारोबार होता है। ट्रक व छोटी गाड़ियों से माल उतरता है। हर कोई बाजार में तय जगहों पर दुकानदारी चमकाने के लिए बेताब रहता है। मौसम के मुताबिक कपड़ों की दुकान 10 एकड़ जमीन में सजती हैं और कपड़ों की बिक्री होती है। बुनकर बाहुल्य जिला होने के कारण हैंडलूम और पावरलूम के कारण सूती कपड़ों की बिक्री खूब होती है। इसके बाद भी यहां सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यहां न तो व्यापारियों के रहने के लिए कोई स्थान है और न ही शौचालय की व्यवस्था। जिसके कारण व्यापारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समय बरसात का मौसम चल रहा है। बारिश होने पर परिसर में जगह-जगह जलभराव हो जाता है, जिससे कारण व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
मौसम के हिसाब से बच्चों के कपड़े बेचने के लिए यहां आते हैं। बड़ों के लिए जींस के पैंट और शर्ट आदि की बिक्री भी होती है। यहां सस्ते दर पर कपड़ों की खरीद-फरोख्त होती है। बरदहिया में दूरदराज से व्यापारी आते हैं, लेकिन पेयजल और शौचालय की व्यवस्था नहीं
है।
- दिनेश कुमार, व्यापारी
यह मंडी पूर्वांचल की सबसे बड़ी कपड़े की मंडी है। 10 वर्षों से दुकान लगाते हैं। इस बाजार में गोरखपुर, आंबेडकरनगर, कानपुर, सीतापुर आदि के व्यापारी आते हैं। रात में भी बाजार में रौनक रहती है, लेकिन बारिश से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं।
-अशोक कुमार , व्यापारी
बरदहिया बाजार में व्यापारियों की समस्या को दूर करने के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। भेली मंडी के पास शौचालय का निर्माण कराया गया है। जल्द ही यहां की समस्या दूर कर ली जाएगी।
जगत जायसवाल- चेयरमैन- नगर पालिका खलीलाबाद