चार माह बाद पकड़ में आया हत्या का आरोपी
गिरफ्तार आरोपी शव को छिपाने और जलाने की कोशिश में किया था सहयोग
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के जंगलऊन में ननिहाल में दिव्यांग युवक की हुई हत्या के मामले में वांछित आरोपी को पुलिस ने रविवार को नगवा मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि वाराणसी जिले के चौक क्षेत्र के मीरघाट निवासी रोहित चौधरी आमी नदी के अजगईबा घाट पर कार्य करते हैं। रोहित ने पुलिस को सूचना दी थी कि 11 जुलाई 2022 की रात तीन लोग बोरे में शव लेकर घाट पर अंतिम संस्कार करने आए थे। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई कि हत्या कर शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी है।
उन्होंने शव लाने वाले तीनों लोगों से पूछताछ की। उसके बाद तीनों चिता पर रखे शव को छोड़कर भाग गए। रोहित ने यह भी बताया था कि जानकारी करने पर पता चला कि कोतवाली क्षेत्र के जंगलऊन के बेलदारी टोला निवासी संजय दो साथियों के साथ भांजे सिकंदर निवासी नरायनपुर उर्फ कोटिया थाना सिकरीगंज जिला गोरखपुर का शव लेकर आए थे। सिकंदर के पिता रामनगीना ने साले संजय पर हत्या करने का आरोप लगाया था। इस मामले में सिकंदर की हत्या के आरोप में मामा और दो अज्ञात पर हत्या कर शव छिपाने की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि सिकंदर की गला दबा कर हत्या की गई थी। हत्या के मुख्य आरोपी मामा संजय को 20 अगस्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। कोतवाल ने बताया कि इस मामले में फरार चल रहे दिलीप निवासी बनोहिया को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मुख्य आरोपी संजय और वह ममेरे फुफेरे भाई हैं। पहले लोग शव को लेकर नाले के पास गए थे, लेकिन वहां कुछ लोग मछली पकड़ रहे थे। इस वजह से वहां शव का अंतिम संस्कार न कर अजगईबा घाट पर ले गए थे।
कोतवाल ने बताया कि तीसरा आरोपी राजकुमार मृतक सिकंदर के नाना थे। राजकुमार घटना के बाद नेपाल भाग गए थे, जहां आठ अगस्त 2022 में उसकी मृत्यु हो गई थी।