-दिनभर छाई रही बदरी, राहगीरों की बढ़ी मुसीबत
- अधिकतम तापमान 21 तो न्यूनतम 12 डिग्री डिग्री सेल्सियस रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मंगलवार की देर रात से बुधवार को सुबह तक रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। जिसके कारण सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गईं। लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। दूसरी तरफ बारिश से गेहूं की फसल को जहां फायदा पहुंचा है, वहीं सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 21 तो न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। इससे ठंड बढ़ गई है।
वैसे तो मंगलवार की सुबह से ही मौसम बदल गया था और आसमान में बादल छाए रहे। साथ ही हल्की बारिश हुई थी। बुधवार को भी सुबह करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इसके साथ ही धुंध छाई रही। इससे शहर से लेकर गांव तक सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गई। जिससे पैदल यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। साथ ही दो पहिया वाहन चालक भी फिसलन के कारण परेशान हुए।
शहर के एआरटीओ कार्यालय की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण चल रहा है, जिससे इस मार्ग से होकर आने-जाने वालों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। इसी तरह राम जानकी मंदिर से बरदहिया जाने वाली सड़क का निर्माण होने से राहगीरों को दिक्कत हुई। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर भी आना-जाना मुश्किल भरा रहा।
बारिश से सरसों की फसल को हो रहा नुकसान
बारिश होने से किसानों में कही खुशी देखी गई तो कहीं चिंता रही। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को बारिश से फायदा हुआ है। सिंचाई करने से निजात मिल गई है। लेकिन सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना है। कारण यह है कि सरसों में लगे फूल गिर रहे हैं। किसान राधेश्याम चौरसिया, झिनकान प्रसाद ने कहा कि हल्की बारिश होने से गेहूं की फसल को लाभ है, लेकिन सरसों की फसल को नुकसान होने की संभावना है।
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि हल्की बारिश हुई है, यह गेहूं की फसल के लिए संजीवनी से कम नहीं है। यदि हवा न चले तो गेहूं की फसल अच्छी होगी। सरसों की फसल को अभी ज्यादा नुकसान नहीं है।