संतकबीरनगर। मानसून आने में मात्र एक सप्ताह का समय रह गया है, लेकिन पालिका प्रशासन न तो शहर के नालों की सफाई का कार्य पूरा कर पाया है न ही अधूरे नालों का निर्माण ही पूर्ण हो सका है। शहर में बने नाले भी एक दूसरे से नहीं जोड़े गए। ऐसे में मानसून सक्रिय होने के बाद शहरवासी जलभराव की समस्या झेलेंगे।
शहर में छोटे बड़े 33 नाले हैं। इसमें कई नाले जाम पड़े हुए हैं। इन नालों की सफाई का कार्य काफी धीमी गति से हो रहा है। अब जबकि मानसून आने में एक सप्ताह का समय रह गया है। ऐसे में नालों की सफाई का कार्य मानसून आने से पूर्व हो पाना संभव नहीं दिख रहा है। यही नहीं शहर के जनता मार्ग पर नाला का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। इसी तरह बनियाबारी से खुदवा तक नाला का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। इसके भी समय से पूर्ण होने की संभावना नहीं दिख रही है। शहर के निवासी शिव कुमार, प्रमोद कुमार आदि ने कहा कि पालिका प्रशासन जल निकासी के लिए गंभीर नहीं दिख रहा है। यदि पालिका प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो बरसात के मौसम जलभराव की समस्या झेलनी पड़ेगी।
दो स्थानों पर नालों का निर्माण शुरू ही नहीं
शहर के मेंहदावल बाईपास से कलक्ट्रेट तक नाला का निर्माण कराया गया है, लेकिन इसके बाद बड़गो तक नाला बनाया जाना है। यहां पर अभी तक नगर पालिका प्रशासन नाला का निर्माण शुरू नहीं करा सका है। ऐसे में बारिश होने पर पानी की ठहराव होगा तो लोगों की मुसीबत बढ़ जाएगी। इसी प्रकार बरदहिया से होकर मंझरिया होकर आगे नाला बनना है। इस पर भी अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। यदि पालिका प्रशासन ने समय रहते जल निकासी के इंतजाम नहीं किए तो शहरवासियों को जलभराव से जूझना पड़ेगा।
शहर में जल निकासी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नालों को एक दूसरे से जोड़ा जा रहा है। जहां पर नाला का निर्माण हो रहा है, वहां निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करा लिया जाए। प्रस्तावित नालों का निर्माण भी जल्द शुरू कराया जाएगा। वैसे नालों की सफाई का कार्य भी हो रहा है।
जगत जायसवाल- अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद