मगहर कस्बे के इस्लामनगर का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। नगर पंचायत मगहर के इस्लामनगर में नाले के स्लैब में भ्रष्टाचार की पोल खुल गई। ढलाई करते ही निर्माणाधीन स्लैब का सांचा गिर गया। अधिशासी अधिकारी व जेई ने स्थलीय निरीक्षण कर ठेकेदार को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्य को रोकवा दिया। निर्माणाधीन स्लैब की गुणवत्ता व सामाग्री को लेकर मोहल्ले वासियों ने पहले ही नाराजगी जाहिर की थी। जिसे जिम्मेदारों ने नकार दिया था।
नगर पंचायत मगहर के गांधी आश्रम वार्ड के इस्लामनगर में बने नाले के स्लैब का कार्य पिछले कई दिनों से चल रहा था। इस कार्य में प्रयोग ही गई सामग्री को लेकर मोहल्ले के हाफिज रिजवान, रमजान अली, अब्दुल अजीज, अबू सालिम, छोटू, उबैदुर रहमान, बिस्मिल्लाह , रहमततुल्लाह, अतीक अहमद, मोहम्मद नबी ने विरोध जताते हुए इसकी गुणवत्ता व मजबूती पर सवालिया निशान खड़ा कर जिम्मेदारों को अवगत कराया था। लेकिन इनकी बातों को नजर अंदाज कर दिया था।
शनिवार को नाले के स्लैब की ढलाई शुरू होने से पूर्व उसका सांचा अचानक टूट गया और पूरा मलबा नाले में गिर गया। ईओ वैभव सिंह और जेई प्रवीण अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण कर कार्य को रोकवा दिया। इस दौरान जेई प्रवीण अग्रवाल ने ठेकेदार को क्रेंक बनाकर उनकी निगरानी में ढलाई का कार्य पूर्ण करने को कहा। ईओ ने कहा कि इस्टीमेट के अनुसार स्लैब का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कम जगह की वजह से ढलाई करने से पूर्व नीचे लगी शटरिंग गिर गई थी। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।