संतकबीरनगर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए इंतजामों को परखने के लिए मंगलवार को जिला अस्पताल के एमसीएच विंग समेत पांच सीएचस में एक साथ मॉकड्रिल हुई। इसमें जिला अस्पताल के दो ऑक्सीजन प्लांट में एक में वाल्व खराब मिला। दूसरे प्लांट से एमसीएच विंग के कोविड एलटू अस्पताल के बेड तक तक ऑक्सीजन ही नहीं पहुंच पाई। नोडल अफसर ने इसे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
देश व प्रदेश में कोरोना का संक्रमण फिर बढ़ रहा है। जिले में कोरोना के अब तक पांच संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर बचाव के लिए तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल कराई गई। जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। इनमें से एक प्लांट का वाल्ब खराब है। दूसरा प्लांट चालू है। मॉकड्रिल के लिए शासन से नियुक्त नोडल अफसर डॉ. अनिल चौधरी, सीएमओ डॉ. अनिरुद्ध सिंह की देखरेख में कोविड से लड़ने की तैयारियां परखी गईं। इसमें जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के कोविड एलटू अस्पताल तक मरीज को पहुंचाने से लेकर बेड पर लगे उपकरणों को चलाया गया।
इस दौरान बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं पहुंची। उसके बाद उसे सही कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मरीजों को आपात स्थित में लगाने के लिए बाइपैप मशीन को नर्स चालू नहीं कर पाई। नोडल अफसर ने इसके लिए अलग से प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही। सीएमओ डॉ. अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि जिले में कोविड के पांच संक्रमित मरीज हैं, जिनका इलाज घर पर चल रहा है।
मॉक ड्रिल के दौरान कोविड मरीजों के लिए आरक्षित बेड, वार्ड और ऑक्सीजन की उपलब्धता देखी गई है। स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के लिए पीकू वार्ड तैयार है। एमसीएच विंग में 100 बेड कोविड मरीजों के लिए है। इनमें से 20 बेड ऑक्सीजन युक्त है। ऑक्सीजन प्लांट में कुछ कमियां हैं, जिन्हें दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान सीएमएस डॉ. महेश प्रसाद, डॉ. वीपी पांडेय, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली, डॉ. एसआर कन्नौजिया, डॉ. संतोष कुमार त्रिपाठी, डॉ. आरपी मौर्य, फार्मासिस्ट सत्यव्रत तिवारी समेत अन्य मौजूद रहे।
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यहां हुई मॉक ड्रिल
जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के अलावा सीएचसी सेमरियावां, सीएचसी मेंहदावल, सीएचसी हैंसर, सीएचसी खलीलाबाद में मॉक ड्रिल कराई गई है।
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मॉकड्रिल कराकर तैयारियों को परखा गया है। ऑक्सीजन प्लांट में कुछ कमियां थीं, जिन्हें दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं। बेड तक ऑक्सीजन नहीं पहुंची है। इसके पीछे प्लांट से ऑक्सीजन का प्रेशर कम होना था। इसके साथ ही ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर सही हैं।
- डॉ अनिल चौधरी, नोडल अफसर मॉकड्रिल
ट्रायल के समय नहीं चालू हुआ ऑक्सीजन प्लांट
धनघटा। कोरोना से निपटने के लिए मंगलवार को सीएचसी मलौली में मॉकड्रिल की गई। जिला क्षय रोग अधिकारी ने ऑक्सीजन प्लांट को चालू करने की कोशिश। वह चालू नहीं हुआ।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में मॉकड्रिल की जिम्मेदारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर एसडी ओझा को दी गई थी। मंगलवार को अस्पताल में पहुंचकर उन्होंने पहले स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टर के साथ बैठक की। फिर तैयारी का हाल जाना। उसके बाद ऑक्सीजन प्लांट की ओर बढ़ गए। प्लांट को चालू करने का प्रयास किया गया। वह चालू नहीं हो सका। इस पर अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार राव ने बताया कि बिजली का पावर कम होने की वजह से प्लांट चल नहीं रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने अधीक्षक को हिदायत दी। कहा कि इन सब खामियों की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को पूर्व में ही देकर उसे ठीक करा लेना चाहिए था। इस दौरान अनुज यादव, अजय कुमार, अजय गौतम आदि मौजूद रहे। संवाद