संतकबीरनगर। मदरसा सुल्तानिया अशरफुल उलूम नौरो बखिरा में मिड डे मील न बनने की शिकायत कुछ लोगों ने डीएम से की थी। जिस पर डीएम ने अपर एसडीएम अरूण कुमार जांच सौंपी। एसडीएम ने मंगलवार को जांच की। जिसमे भोजन न बनने का मामला सही मिला। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
अपर उप जिलाधिकारी अरुण कुमार ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि मंगलवार को सत्यापन के समय मदरसा मोहर्रम पर्व अवकाश के कारण बंद पाया गया है। वहां मौजूद ग्रामीणों ने लिखित रूप से बताया है कि अप्रैल, 2024 से आज तक एमडीएम का खाना नहीं बनाया गया है। इसकी पुष्टी रसोइया हनीसा खातून ने भी की। उसने बताया कि उसे भोजन बनाने के लिए नहीं बुलाया गया है। कोटेदार से पूछताछ में कोटेदार सजरुननिशा ने बताया कि मदरसा सुल्तानिया अशरफुल उलूम नौरो बखिरा कुल 35.79 कुंतल चावल मिड-डे-मील के लिए प्राप्त कराया गया है। यहां पर तैनात प्रधानाचार्य को लोग फर्जी तरीके से तैनात बता रहे हैं।
इसके साथ ही जांच में पाया गया कि प्रधानाचार्य अप्रैल, मई और जून माह का खाद्यान्न प्राप्त किया है। इसके साथ ही एमडीएम के कनवर्जन कास्ट के रूप में एक लाख 90 हजार रुपये विभिन्न तिथियों में अलग-अलग निकाला गया है। प्रकरण गंभीर है। इसमें बीएसए और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से विस्तृत जांच कराया जाना जरूरी है।