- जिला अस्पताल व सीएचसी खलीलाबाद परिसर में फेंका जा रहा मेडिकल वेस्ट
- सभी सीएचसी-पीएचसी पर अलग से रूम बने हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में खुले प्राइवेट अस्पताल व क्लीनिक मेडिकल वेस्ट (मेडिकल कचरा) को खुले में फेंक दे रहे हैं। यह मेडिकल कचरा सड़कों के किनारे या किसी मैदान में फेंके जा रहे हैं। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। हालांकि औद्योगिक क्षेत्र में मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए प्लांट भी है लेकिन निजी अस्पताल संचालक वहां मेडिकल वेस्ट ले जाने की जहमत नहीं उठाते हैं।
शहर में करीब 50 से अधिक प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक व पैथोलॉजी हैं। इनसे निकले वाले मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए अस्पताल व क्लीनिक संचालन गंभीर नहीं हैं। स्थिति यह है कि मेडिकल वेस्ट जिसमें ब्लड, काट-पट्टी, सीरिंज और दवाएं खुले मैदान व सड़कों के किनारे फेंका जा रहा है। वहीं कई जगह पर मेडिकल वेस्ट को जलाकर पर्यावरण में प्रदूषण फैलाया जा रहा है। कुछ ऐसा ही हाल सरकारी अस्पतालों में भी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य महकमा, नगर पालिका प्रशासन उदासीन है। नर्सिंग होम, अस्पताल या क्लीनिक अगर खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकता है और नियम का पालन नहीं करता है तो लाइसेंस व मान्यता निरस्त करने का प्रावधान है।
जिला अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर दिख रहा मेडिकल कचरा
जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस के पास व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद परिसर में मेडिकल वेस्ट खुले में फेंका गया है। हालांकि अस्पताल के जिम्मेदार दावा कर रहे हैं कि मेडिकल वेस्ट का निस्तारण कराया जा रहा है, लेकिन खुले में रखे मेडिकल वेस्ट दावे की पोल खोल रहे हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की लगी है मशीन
शहर के औद्योगिक क्षेत्र में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए मशीन लगाई है। यहां सरकारी अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट का निस्तारण होता है, लेकिन निजी अस्पताल, क्लीनिक संचालक मेडिकल वेस्ट भेजने की बजाय सड़क के किनारे या खुले में फेंक दे रहे हैं। जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
मेडिकल वेस्ट रखने के लिए तीन रंग के होते हैं बैग
मेडिकल वेस्ट रखने के लिए तीन रंग के बैग को उपयोग में लाया जाना चाहिए। लाल रंग के बैग में डिस्पोजबल दूषित सामग्री रखे जाते हैं। वहीं पीले रंग के बैग में मानव शारीरिक अपशिष्ट रखे जाते हैं। इसमें अलावा शरीर के अंग, सूती ड्रेसिंग, प्लास्टर, कास्ट, शरीर के तरल पदार्थ से गंदे ड्रेसिंग मास्क और गाउन रखा जाता है, जबकि नीले रंग के बैग में कांच के टूटे बर्तन, दूषित कांच, दवा की शीशी आदि रखी जाती है।
मेडिकल वेस्ट को निर्धारित जगह में रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सीएचसी-पीएचसी पर इसके लिए अलग से रूम बने हैं, अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। मामला सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल वेस्ट के लिए लगे वाहन में रखा जाए। अगर ऐसा है तो इसकी जानकारी कराई जाएगी।
- डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ