एक बेटे के इलाज के चलते पिता दोनों मासूम बेटों और पत्नी के जनाजे में शामिल नहीं सके
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। दुधारा थाना क्षेत्र के पचदेउरा गांव में शनिवार को कब्रिस्तान ले जाने के लिए एक साथ मां और दो मासूम बेटों के जनाजे उठे तो लोगों की चीख-पुकार सुनकर मौजूद लोगों के आंसू निकल पड़े। हादसा से पूरा गांव गमगीन हो गया। हादसा से दो परिवारों में मातम छा गया है। वहीं, एक बेटे का इलाज चल रहा है। पिता एक बेटे के इलाज में जुटे होने से पत्नी और मासूम बेटों के जनाजे में शामिल नहीं हो सके।
शुक्रवार को पचदेउरा गांव निवासी मारूफ अहमद की विवाहिता बेटी फिरदौस (27) अपने तीनों बेटों अरकम (5), अरहम (3) और एक 15 दिन के नवजात बेटे के साथ घर से 100 मीटर दूर सिवान में गई। जहां पर कुएं में कूद गई। वहां पर बकरी चरा रही एक महिला ने उसे कुएं में कूदते देखा तो शोर मचाई। चीख-पुकार सुनकर लोग पहुंच गए। दो युवकों ने कुएं में जाकर चारों को बाहर निकाला। कूदने के दो घंटे बाद चारों को बाहर निकाला गया।
कुएं में डूबने से मां फ़िरदौस, बेटा अरहम और 15 दिन के नवजात बेटे की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को मां फ़िरदौस, बेटा अरहम और 15 दिन के नवजात बेटे का जनाजा एक साथ घर से कब्रिस्तान ले जाने के लिए उठा। परिवार के लोग चीख-चीख कर रोने लगे। इस दौरान मौजूद सभी लोगों के आंखों से आंसू निकल गए।
पचदेउरा गांव के कब्रिस्तान में तीनों को करीब सुबह नौ बजे सुपर्द-ए-खाक किया गया। वहीं, एक बेटे अरकम का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। बेटे अरकम के इलाज के चलते पिता फैज पत्नी और दोनों मासूम बेटों के जनाजे में शामिल नहीं हो सके। मृतक फ़िरदौस के पिता मारूफ अहमद मुंबई से घर के लिए शनिवार को निकल पड़े हैं।
शनिवार को पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण चतुर्वेदी उर्फ जय चौबे ने गांव में पहुंच कर पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाया।