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Sant Kabir Nagar News: जमीन की तलाश में लटक गईं कई परियोजनाएं

Thu, 24 Aug 2023 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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इंडस्ट्रियल एरिया में बंद पड़ी फैक्ट्री। संवाद
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- रोडवेज बस डिपो, मेडिकल कॉलेज, डंपिंग यार्ड, कूड़ा डंपिंग, सीवरेज प्लांट बनाने की योजना अधर में
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में विकास की कई योजनाओं के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। लगातार आश्वासन के बाद भी प्रशासन अभी तक इन परियोजनाओं के लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं कर पाया है। इसके कारण तरक्की की राह कठिन हो गई है। जमीन नहीं मिलने से रोडवेज बस अड्डा, मेडिकल काॅलेज, डंपिंग यार्ड, कूड़ा डंपिंग, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट धरातल पर नहीं उतर पा रहा है।
लोगों का कहना है कि वैसे तो प्रशासन के पास जमीन के सारे अभिलेख मौजूद हैं। इसके बाद भी जमीन की तलाश के नाम पर मामले को लटकाया जा रहा है। यदि समय से जमीन की तलाश पूरी की गई होती तो जिले के विकास में से परियोजनाएं काही उपयोगी साबित होतीं।
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डंपिंग यार्ड नहीं बनने से हो रही परेशानी
जो वाहन सीज होते हैं, वे थानों में कबाड़ हो जा रहे हैं। इन वाहनों को देखते हुए आठ माह पहले शासन की ओर से हर जिले में डंपिंग यार्ड बनाने की योजना शुरू की गई, ताकि यहां पर वाहनों का खड़ा किया जा सके। थाने-थाने घूमकर कई दिनों में होने वाली नीलामी एक दिन में हो सके। इसके लिए एक एकड़ क्षेत्रफल में वाहन डंपिंग यार्ड बनाने के लिए जमीन चिह्नित की जाए। एआरटीओ की ओर से राजस्व विभाग को पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। इसके बन जाने से थाने में वाहनों का बोझ कम होता और सड़ने से पहले वाहन नीलाम हो जाते, जिससे सरकार को आमदनी होती।
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रोडवेज बस डिपो के लिए जमीन की है जरूरत
संतकबीरनगर जिले का सृजन 1997 में हुआ। तब से जिला मुख्यालय पर रोडवेज बस स्टेशन नहीं बन पाया। यात्री मजबूरी में मेंहदावल बाईपास पर सड़क के किनारे खड़े होकर बसों की प्रतीक्षा करते हैं। जिला भूमि अध्यापित विभाग के रिकाॅर्ड के अनुसार, पिछले दो वर्षों से रोडवेज बस स्टेशन के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने मड़या में किसानों की जमीन देखी थी, लेकिन कुछ तय नहीं हो पाया। बाद में सरयू नहर खंड कार्यालय और परिसर को देखा गया, लेकिन यह जगह भी अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है। ऐसे में जमीन के अभाव में रोडवेज बस डिपो नहीं बन पा रहा है। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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दो साल पहले हुई थी मेडिकल कॉलेज की घोषणा
जिले में शासन ने मेडिकल काॅलेज स्थापित करने की घोषणा की है। दो साल से मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। बनकटिया और मदराडीहा के बीच 5.837 हेक्टेयर जमीन देखी गई है। अभी तक कागजातों में जमीन की तलाश हो रही है। इसी तरह जल निगम शहरी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन की आवश्यकता है। पिछले आठ माह से जमीन की तलाश की जा रह है। जमीन नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इसी तरह जजों और कर्मचारियों के आवास के लिए भी 8.34 हेक्टेयर जमीन और सर्किट हाउस के लिए जमीन की तलाश हो रही है।
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उद्योगों के लिए 38 एकड़ जमीन जरूरी
जिले में हुए इंवेस्टर समिट के बाद उद्योग की नींव डालने का प्रयास किया गया। जिले में 64 उद्यमियों ने 6000 करोड़ के निवेश की सहमति जताई गई। इसमें से 26 उद्यमियों ने लिखित तौर पर 35 एकड़ जमीन की मांग की। प्रशासन ने बंद पड़ी सूती मिल मगहर का सर्वे कराया, लेकिन अब तक जमीन की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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खुले में गिराया जा रहा कूड़ा
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में दो वर्षों से डंपिंग ग्राउंड बनाने के लिए दो बीघा जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन की कमी रोड़ा बनी हुई हैं। ऐसे में कूड़ा औद्योगिक क्षेत्र के पार्क की जमीन पर गिराया जा रहा है। अगर डंपिंग ग्राउंड बन जाए जो प्रदूषण से निजात मिलेगी।
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जनपद मुख्यालय पर रोडवेज बस स्टेशन नहीं बन पाया है। मौसम की मार झेलते हुए मेंहदावल बाईपास पर खुले आसमान तले बसों का इंतजार करना पड़ता है। यदि बस स्टेशन होता तो यात्रियों को सुविधा होती। -रणजीत राय, नागरिक
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दो साल पहले जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा हुई थी, उम्मीद थी कि जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। जिला अस्पताल से मरीजों को रेफर किए जाने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज बनने से काफी राहत मिलती। -जीत नरायण सिंह, नागरिक
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शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। औद्योगिक क्षेत्र में पार्क की जमीन पर कूड़ा गिराया जा रहा है। इससे उठने वाली दुर्गंध के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यदि कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था हो जाए तो लोगों की परेशानी दूर हो जाती। -अभिषेक, नागरिक
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नालों का गंदा पानी आमी नदी में गिरता है, जिससे आमी नदी प्रदूषित हो रही है। इसके लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बनी है। यह योजना जमीन के अभाव में धरातल पर नहीं उतर सकी है। -संजय कुमार, नागरिक
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रोडवेज बस स्टेशन बनाने के लिए ड्रेनेज खंड कार्यालय और उसके परिसर की जमीन को चिह्नित की गई है। सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रमुख सचिव परिवहन को भेजा गया है। वहीं से निर्णय लिया जाना है। डंपिंग ग्राउंड, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, मेडिकल कॉलेज आदि के लिए जमीन की तलाश के लिए एसडीएम को लगाया गया है। -संदीप कुमार, डीएम
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