स्कूल प्रबंधन ने आरोप को बताया बेबुनियाद, कहा- बच्चे गिरा रहे थे चहारदीवारी, उसी दौरान लगी चोट
बच्चे के पिता ने दी तहरीर, केस दर्ज, कॉलेज की ओर से भी की गई है पुलिस से शिकायत
- जनक दुलारी इंटर कॉलेज का मामला, पुलिस कर रही मामले की जांच
संतकबीरनगर। खलीलाबाद के एक प्राइवेट स्कूल के प्रबंधक पर नौवीं कक्षा के छात्र को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। बच्चे को अधिक चोटें आने की वजह से अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां उसे रात भर भर्ती रहना पड़ा। छात्र के पिता ने स्कूल के प्रबंधक के खिलाफ तहरीर दी है, जिसके आधार पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, प्रबंधक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा है कि कुछ बच्चे स्कूल की चहारदीवारी गिरा रहे थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की में बच्चे को चोट आई है। अब उसके अभिभावक क्षतिपूर्ति से बचने के लिए गलत आरोप लगा रहे हैं। स्कूल की ओर से भी छात्र के खिलाफ चहारदीवारी गिराने और अभिभावक के खिलाफ गाली देने की तहरीर दी गई है।
कोतवाली क्षेत्र के लहुरादेवा निवासी सत्येंद्र ने तहरीर में कहा है कि उनका बेटा अमर सत्यव्रत शर्मा जनक दुलारी इंटर कॉलेज भुजैनी में कक्षा नौ का छात्र है। बुधवार को वह विद्यालय गया था। उसी दौरान वह लघु शंका के लिए गया। लौटते समय प्रबंधक नित्यानंद त्रिपाठी ने उसे पकड़ लिया और पूछा कि क्या तुमने चहारदीवारी गिराई है। अमर ने इन्कार किया तो उन्होंने डंडे से पीटना शुरू कर दिया, जिससे उसे काफी चोटें आईं। स्कूल के कुछ बच्चों ने घर आकर उन्हें घटना की जानकारी दी। सूचना पर वे स्कूल पहुंचे तो उनसे भी अभद्रता की गई। उनसे बेटे का नाम स्कूल से कटवाने को कहा गया। मारने की धमकी भी दी गई। सत्येंद्र का कहना है कि वे बेटे को लेकर एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे, जहां उसे पूरी रात भर्ती रहना पड़ा।
मामले में पुलिस ने प्रबंधक नित्यानंद त्रिपाठी के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया है। उधर, विद्यालय की प्रधानाचार्य रीना त्रिपाठी ने छात्र के परिजनों पर गाली देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने अभी तक उनकी तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया है। कोतवाल ब्रजेंद्र पटेल ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रबंधक पर मारपीट का केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।
बच्चे के परिजन बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। बच्चे की पिटाई नहीं की गई है। सही बात यह है कि कुछ बच्चे मिलकर स्कूल की चहारदीवारी गिरा रहे थे। इसी दौरान गिरने से अमर को चोट लग गई। चहारदीवारी की क्षतिपूर्ति देने से बचने के लिए बच्चे के अभिभावक गलत आरोप लगा रहे हैं। अमर काफी शरारती है। वह पहले भी कई बार गलत हरकत कर चुका है।
- नित्यानंद त्रिपाठी, प्रबंधक, सत्यव्रत शर्मा जनक दुलारी इंटर कॉलेज
शिक्षक को किसी बच्चे को पीटने का अधिकार नहीं है। अगर बच्चा गलती करता है तो उसके माता-पिता को बुलाकर शिकायत करनी चाहिए। माता-पिता को भी अपने बच्चों का ख्याल रखना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए। स्कूल के प्रबंधन की गलती है तो बच्चे ने भी जरूर कुछ गलत किया होगा।
- हीरालाल त्रिपाठी, अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य
बच्चों की पीटने पर पूरी तरह से रोक है। कभी-कभी बच्चों की हरकतें परेशान करती हैं, लेकिन शिक्षक को अपना संतुलन बनाए रखना चाहिए। बच्चों को मारने से कुछ नहीं मिलने वाला। लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। अभिभावकों को भी अपने बच्चों को संस्कारिक बनाना होगा।
- डॉ. विजय कुमार मिश्र, एसोसिएट प्रोफेसर, समाज शास्त्र, एचआरपीजी कॉलेज