संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज ने बताया कि इस बार सूर्य देव 15 जनवरी को प्रातःकाल दो बजकर 54 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। अतः 15 जनवरी सोमवार को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है। इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं। इस दिन गंगा स्नान, पूजा, जप-तप और दान करने का विधान है। शास्त्रों में निहित है कि मकर संक्रांति तिथि पर सूर्य देव उत्तरायण होते हैं। यह समय देवताओं के लिए दिन का होता है। इस दौरान प्रकाश में वृद्धि होती है। धार्मिक मत है कि मकर संक्रांति तिथि पर स्नान-ध्यान कर पूजा-पाठ करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि इस बार पुण्यकाल 15 जनवरी को सुबह सात बजे से शुरू हो जाएगा, जो सूर्यास्त शाम को पांच बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इसमें स्नान, दान, जाप कर सकते हैं। मकर संक्रांति का महापुण्य काल प्रातः काल सात बजे से प्रातः काल आठ बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
मकर संक्रांति पर दान करना शुभ
मकर संक्रांति के दिन स्नान के उपरांत सूर्य सहित नवग्रहों की पूजा और भगवान विष्णु की पूजा के बाद दान आरंभ करना चाहिए। जो भी श्रद्धा हो उसके अनुसार वस्त्र, अन्न और धन का दान कर सकते हैं। मकर संक्रांति के दिन तिल और खिचड़ी का दान बहुत ही शुभ माना गया है। दान का समय सुबह 7 बजे से सूर्यास्त पूर्व तक रहेगा। यह मुहूर्त दान आदि करने के लिए बेहद शुभ है। इस दिन खिचड़ी, गुड़, काले तिल, ऊनी कपड़े, कम्बल आदि दान करें।