- जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया आदेश, समयावधि के भीतर जवाबदेही न दाखिल करने पर की कार्यवाही
- साल 2015 में मैक्सी कैब वाहन खरीदा था
- नई दिल्ली के महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से पांच लाख रुपये ऋण लिए थे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व सदस्या संतोष ने निर्धारित समय के भीतर जवाबदेही दाखिल न करने के मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए महिंद्रा फाइनेंस के खिलाफ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। धनराशि 21 फरवरी के भीतर चुकानी होगी।
अधिवक्ता अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के मगहर कस्बे के रानी बाजार मोहल्ला निवासी अनिल कुमार गुप्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल कर कहा है कि वह सुल्तानपुरी नई दिल्ली में रहते थे। उन्होंने वर्ष 2015 में एक नई मैक्सी कैब वाहन क्रय किया। जिसको लेकर नई दिल्ली के महिंद्रा फाइनेंस से पांच लाख रुपये ऋण लिए थे। वह किश्त का भुगतान नियमित रूप से करते रहे।
वर्ष 2019 में वापस घर आने का निश्चय करते हुए ऋण की शेष रकम तीन लाख चुकाने के लिए खलीलाबाद के महिंद्रा फाइनेंस के ब्रांच से ऋण लेकर नई दिल्ली के ब्रांच का ऋण चुका दिए। उसके बाद यहां के किश्त का भुगतान करते रहे। कोरोना महामारी के दौरान किस्त अनियमित हो गई तो फाइनेंस कंपनी ने उनके वाहन को जबरन खिंचवा कर नीलाम कर दिया।
1.87 लाख का अतिरिक्त लाभ लेने के बाद भी 4.28 लाख जमा करने की नोटिस भेजी गई, जबकि अभी भी पंजीयन कार्यालय में उनका ही नाम दर्ज है। उन्होंने फोरम में फाइनेंस कंपनी के खिलाफ परिवाद दाखिल किया। मुकदमे में फाइनेंस कंपनी ने जवाबदेही निर्धारित समयावधि 45 दिनों के भीतर नहीं दाखिल किया और पत्रावली एक पक्षीय होने पर रिकाॅल प्रार्थनापत्र देकर एकपक्षीय कार्यवाही रोकने की मांग की। फोरम ने महिंद्रा फाइनेंस के प्रार्थनापत्र को एक लाख के हर्जाने पर स्वीकार किया है।