कथा का रसपान कराते सतेंद्र दास बेदांती जी
रोसयाबाजार। पौली ब्लॉक क्षेत्र के भरदौलिया में रामजानकी मंदिर ठाकुरद्वारा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य सत्येंद्र दास वेदांती ने प्रकृति प्रेम की महत्ता को दर्शाते हुए गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई। कथा व्यास ने बताया कि गोवर्धन पूजा द्वापर युग की वह पावन लीला है। जब श्रीकृष्ण ने इंद्र का अहंकार तोड़ने के लिए गोकुलवासियों को गोवर्धन पर्वत व गायों की पूजा करने को कहा था। सात दिनों तक कनिष्ठा उंगली पर पर्वत उठाकर कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा की थी। यह पूजा संदेश देती है कि जो प्रकृति, पर्वत और पशु (गाय) हमारे जीवन का आधार हैं। हमें उनकी पूजा करनी चाहिए। इस मौके पर पंडित कृपा शंकर पांडेय, डॉ. वीके पांडेय, डॉ. शिप्रा पांडेय, प्रतिमा, प्रमोद पांडेय मौजूद रहे। संवाद