संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र कुमार सिंह ने प्रेम-प्रसंग में दोस्त की गोली मार कर हत्या करने के दोषी युवक को अजीवन करावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिमन्यु पाल ने बताया कि महुली क्षेत्र के रेवटा निवासी पीड़ित पिता राम नरायन राय ने थाना बखिर में 11 दिसंबर 2019 को तहरीर दी। जिसमें कहा कि दस दिसंबर को शाम लगभग छह बजे उसका इकलौता पुत्र पवन राय गांव के ही अपने मित्र रुपेश के साथ घर से नाथनगर के विकास के घर जाने की बात बता कर निकला था। रात लगभग 10 बजे करीब काली जगदीशपुर चौकी इंचार्ज का फोन उसके पास आया कि आप के पुत्र की हालत अत्यंत नाजुक है। वह गम्भीर हालत में बखिरा के अमरडोभा के पश्चिम नहर के पुलिया पर मिला है। यह सुनकर वह घबरा गए और अपने शुभचिंतकों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पर उसके पुत्र की मृत्यु हो चुकी थी।
मौके पर उसके पुत्र की बाइक तथा मोबाइल नहीं थी। न ही वहां पर उसका मित्र रुपेश ही मिला। तहरीर के आधार पर थाना बखिरा में हत्या का केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के बाद हत्या के साथ आर्म्स एक्ट में आरोप पत्र आरोपी रुपेश राय के विरुद्ध दाखिल किया। कोर्ट में 11 गवाहों की गवाही के साथ 17 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। बचाव पक्ष ने एक गवाह की गवाही दी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने कहा कि गम्भीर प्रकृति का है। अभियुक्त ने पवन को कट्टे से गोली मारकर उसकी हत्या करने का जघन्य अपराध किया है जो सामाजिक अपराध है। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन करने और पक्षों को सुनने के बाद माना कि उपरोक्त संपूर्ण विवेचना के आधार पर दस दिसंबर 2019 को आरोपी रुपेश राय के जरिये प्रेम प्रसंग की रंजिश के करण अवैध असलहे से पवन राय की गोली मार कर हत्या कर दी। कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर दोषी रुपेश राय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।