बेलहर। सांथा हनुमान मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीरामकथा में पंडित विकासानंद शास्त्री ने रामकथा के महात्म्य का वर्णन किया। कहा कि जैसे नमक के बिना भोजन बेकार हो जाता है वैसे ही श्रीराम के भजन के बिना जीवन बेकार हो जाता है। उन्होंने भगवान शिव और माता सती के दिव्य चरित्र का वर्णन किया। कहा कि माता सती श्रद्धा स्वरूप हैं और भगवान शिव विश्वास के स्वरूप हैं। बिना श्रद्धा विश्वास के कभी भगवत प्राप्ति नहीं हो सकती है। इसके बाद धूमधाम से शिव विवाह सम्पन्न हुआ। इस दौरान उमेश शास्त्री, राधे कृष्णा पांडेय, सुशील कुमार श्रीवास्तव, संतोष कुमारअग्रहरि, सोनू मद्धेशिया, बबलू पासवान, रामचंद्र मद्धेशिया, बलिराम बरनवाल, सुनील जायसवाल, विनोद कुमार अग्रहरि आदि मौजूद रहे। संवाद