हत्या में दोषी पति, सास, ससुर को आजीवन कारावास
- एक- एक लाख रुपये अर्थदंड से भी दंडित
- अर्थदंड न अदा करने पर एक-एक साल की भुगतनी होगी अतिरिक्त सजा
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार बशिष्ठ ने पत्नी की हत्या के दोषी पति, सास, ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक- एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थ दंड न अदा करने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिमन्यु पाल ने बताया कि सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र के भरथना निवासी किताब उल्लाह पुत्र हसन रजा ने अपनी पुत्री अजमेरून निशा की शादी 16 जून 2019 को बेलहर कला क्षेत्र के अमथरी निवासी फैयाज अहमद के साथ मुस्लिम रीत रिवाज के अनुसार की थी। शादी में ही बेटी की विदाई भी हुई। अजमेरुनिशा के पति फैयाज अहमद, ससुर मोहम्मद याकूब, सास राबिया खातून कम दहेज लाने का ताना देते रहे। आरोप है कि मारते- पीटते तथा दहेज में 2,00000 रुपये की मांग करते थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 26 मई 2020 को ससुरारियों ने उसकी बेटी अजमेरूननिशा को जलाकर मार डाला। पीड़ित पिता किताबउल्लाह ने बेलहर कला थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ। न्यायालय में मामले के विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से 10 गवाहों को प्रस्तुत किया गया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक ने दोष सिद्ध होने पर पति फैयाज अहमद, ससुर मोहम्मद याकूब, सास राबिया खातून को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही साथ एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक- एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।