- उपभोक्ता फोरम ने बीमा निगम के खिलाफ सुनाया फैसला
- बीस हजार रुपये क्षतिपूर्ति और मुकादमा खर्च दस हजार रुपये भी देने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता आयोग ने पीड़ित के प्रार्थनापत्र पर भारतीय जीवन बीमा को एक लाख रुपये अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और मुकदमा खर्च दस हजार रुपये अदा करने का फैसला सुनाया है।
धनघटा क्षेत्र के जेखौती निवासी हरिवंश राय ने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया और कहा कि उसकी पत्नी मालती राय ने भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा कार्यालय खलीलाबाद में एक लाख रुपये का बीमा कराया था। पत्नी मालती राय की मृत्यु 19 सितंबर 2017 को हो गई। उसने उक्त रुपये प्राप्त करने के लिए बीमा कम्पनी से याचना किया जिसे कंपनी ने निरस्त कर दिया। मजबूर होकर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और महिला सदस्य संतोष ने सुनवाई के बाद बीमा कंपनी को निर्देशित किया कि वह परिवादी की पत्नी का बीमा धन एक लाख रुपये परिवादी की पत्नी की मृत्यु के दिन 19 सितंबर 2017 से अंतिम भुगतान की तिथि तक दस प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से साठ दिन के अंदर परिवादी को भुगतान करे। साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में बीस हजार रुपये व मुकदमा खर्च दस हजार रुपया भी अदा करने करने का आदेश दिया है।