धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही पर बुधवार को किसानों को खेत के समतलीकरण विधि पर आयोजित कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान डॉ. देवेश कुमार वैज्ञानिक (कृषि अभियांत्रिकी) अनुभाग ने किसानों को बताया कि लेजर लैंड लेवलर से खेत की भूमि को समतल करने की एक कृषि यंत्र है। इसकी सहायता से खेत की भूमि को समतल किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस यंत्र में चार खास प्रकार के उपकरण लगे होते हैं। इसमें लेजर ट्रांसमीटर, रिसीवर, कंट्रोल बाक्स एवं लेवलर होता है। इन सभी उपकरण का अलग-अलग कार्य है। इस यंत्र को चलाने के लिए ट्रैक्टर की आवश्यकता होती है, जिसकी क्षमता करीब 35 अश्वशक्ति (एचपी) से अधिक होनी चाहिए। लेजर ट्रांसमीटर का कार्य लेजर किरणों को भेजना है, जो कि समतल बकेट पर लगे लेजर रिसीवर के जरिए रोका जाता है। रिसीवर से प्राप्त होने वाले सिग्नल को ट्रैक्टर पर लगे कंट्रोल पैनल ग्रहण कर हाइड्रोलिक कंट्रोल वाल्व को खोलवा और बंद करता है।
इससे बकेट को आवश्यकतानुसार ऊपर उठाया या गिराया जा सकता है। इसी तरह से भूमि को समतल किया जाता है। खेत की भूमि कि सतह एक समान नहीं होने के कारण खेतों में बुआई की जाने वाली फसलों के बीज एक सामान खेत में नहीं पहुंचते है। उन्होंने कहा कि किसान लेजर लैंड लेवलर कृषि यंत्र खरीद कर अपनी कमाई का जरिया भी बना सकते हैं। इस यंत्र से किसान भूमि को समतल कर पैसे की कमाई भी कर सकते हैं और इस यंत्र को चलाने के लिए ज्यादा मजदूरों की भी आवश्यकता नहीं होती है। इस दौरान देवेंद्र कुुमार, राममूरत, राजमती देवी, प्रमोद, चंद्रभान, रामउग्रह, रामवृक्ष, जयराम कन्नौजिया, रामदीन, रामकेश, दीनदयाल आदि मौजूद रहे।