दो साल पहले मिली थी मेडिकल कॉलेज की मंजूरी, अब तक नहीं मिली जमीन
रोडवेज बस डिपो के लिए जमीन चिह्नित, मंजूरी का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में कई ऐसी परियोजनाएं हैं जिसके लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। जिन परियोजनाओं के लिए जमीन मिली है, वहां भी शासन की मंजूरी का इंतजार है। इसके कारण परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं।
शासन ने दो साल पहले मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की थी। इसके साथ ही जमीन चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। तब से लेकर अब तक प्रशासन मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन की तलाश कर रहा है, लेकिन अब तक जमीन नहीं मिली। हालांकि, जिला कारागार के पास और कांटे के पास जमीन देखी गई थी और प्रस्ताव भी मिले थे। लेकिन जमीन कम होने और अन्य कारणों से जमीन फाइनल नहीं हो सकी। इसके कारण मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना न होने से गंभीर मरीजों को गोरखपुर या बस्ती जाने की मजबूरी हो गई है। इसके साथ ही उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रोडवेज बस डिपो के लिए जमीन चिह्नित, मंजूरी का इंतजार
वर्ष 1997 में खलीलाबाद को जिला बनाने की घोषणा हुई थी। इसके बाद रोडवेज बस डिपो की स्थापना की मांग हो रही है। इसको लेकर कई जगह जमीन देखी गई। इसमें सिंचाई ड्रेनेज खंड दो का परिसर शामिल है। बाद में यहां रोडवेज बस डिपो बनाने की योजना पर विराम लग गया। इसके बाद अब मीरगंज के पास बस डिपो बनाए जाने के लिए जमीन चिह्नित की गई है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लेकिन, अभी तक इसकी मंजूरी का इंतजार हो रहा है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि मीरगंज में रोडवेज बस डिपो बनेगा।
बंद पड़ी कताई मिल को औद्योगिक क्षेत्र बनाने की योजना भी अधर में
प्रशासन ने बंद पड़े मगहर कताई मिल परिसर को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की थी। इसका प्रस्ताव भी तैयार किया गया, लेकिन इस योजना पर भी अब तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा सका है। यह स्थिति तब है जबकि कई उद्यमी यहां उद्योग लगाने को लेकर तैयार बैठे हैं।
कोट
मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ जगह पर जमीन देखी गई थी, लेकिन वह काफी कम थी। जल्द ही जमीन चिह्नित कर ली जाएगी, जबकि रोडवेज बस डिपो के लिए मीरगंज में जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसकी मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
-महेंद्र सिंह तंवर, डीएम