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Sant Kabir Nagar News: सुलझेगा जमीन का पेच, धरातल पर उतरेंगी लटकी परियोजनाएं

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20 करोड़ की लागत से मगहर में तैयार की जानी है पाइप लाइन पेयजल परियोजना, लोग पी रहे दूषित पानी
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डीएम ने भू-लेख अधिकारी को परियोजनावार जमीन चिह्नित करने की सौंपी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में विकास की कई परियोजनाएं जमीन नहीं मिलने की वजह से धरातल पर उतर नहीं पा रही हैं। सरकारी विभागों और कार्यदाई संस्थाओं की ओर से प्रशासन से जमीन की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन प्रशासन जमीन मुहैया नहीं कर पा रहा है। अब डीएम ने जमीन के पेच को सुलझाने की पहल शुरू कर दी है। भू-लेख अधिकारी से परियोजनावार जमीन चिह्नित करके रिपोर्ट मांगी है।
अटल शहरी नवीनीकरण रूपांतरण मिशन के तहत नगर पालिका खलीलाबाद और नगर पंचायत मगहर में पाइप लाइन पेयजल की मंजूरी करीब नौ महीने पहले मिली थी। इसके पीछे मंशा है कि नगरीय क्षेत्र में हर घर को शुद्ध पानी पाइप लाइन के जरिए मुहैया कराई जाए। इसमें विस्तारित क्षेत्रों और नई कॉलोनियों को भी शामिल किया जाना है। आलम यह है कि जल निगम शहरी की ओर से नौ महीने जमीन की मांग प्रशासन से की जा रही है। नगर पालिका में जमीन की व्यवस्था हो गई है, जबकि नगर पंचायत मगहर में जमीन नहीं मिल पा रही है।
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जल निगम शहरी के एक्सईएन सुदेश कुमार ने बताया कि मगहर में 20 करोड़ की लागत से पेयजल की परियोजना तैयार की जानी है। पूर्व में मगहर में जो ओवर हेडटैंक बना है, उसकी क्षमता कम है और पूरे कस्बे में जलापूर्ति नहीं पहुंच पाई है। इसी वजह से नई परियोजना के तहत काम कराना है ताकि पूरे कस्बे को पेयजल की आपूर्ति की जा सकें। इसके लिए दो जगह 1000-1000 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। इसमें ओवर हेड टैंक और टयूबवेल बनाना है। जमीन नहीं मिलने की वजह से मगहर की परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है। खलीलाबाद में जमीन मिल गई है। शहर को नौ जोन में बांट कर करीब एक अरब की परियोजना तैयार कराई जा रही है।
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मगहर में दूषित पानी पीने से 25 लोग हुए थे बीमार
नगर पंचायत मगहर में 13 वार्ड है। यहां कि आबादी करीब 40 हजार है। करीब डेढ़ साल पहले नगर पंचायत मगहर में दूषित पानी पीने से 25 लोग बीमार हो गए थे। इनमें से 12 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया था। तत्कालीन डीएम ने मामले की जांच कराई तो दूषित पानी की वजह सामने आई। जांच में पता चला कि पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही थी। बाद में नगर प्रशासन ने कमी को दूर करा दिया था।
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जमीन के अभाव में तीन निकायों में नहीं बन पा रहा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
करीब नौ महीने से नि:शुल्क जमीन नहीं मिल पाने की वजह से खलीलाबाद, मगहर और बखिरा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं हो पा रहा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के पीछे शासन की मंशा है कि नालों, नालियों का पानी साफ करके नदियों में गिराया जाए, ताकि नदियों को प्रदूषित होने से बचाया जा सकें। जमीन के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम शहरी के एक्सईएन कई बार डीएम, एडीएम और एसडीएम को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन प्रशासन नि:शुल्क जमीन खोज नहीं पा रहा है।
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पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय का निर्माण अटका
जमीन नहीं मिल पाने की वजह से ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालयों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। हैंसर बाजार ब्लॉक क्षेत्र के अशरफपुर, मेंहदावल के नगपुर,बेलहर कला के जंगल बेलहर और परासी गनवरियां में जमीन नहीं मिल पाने से पंचायत भवन नहीं बन पा रहा है। इसी तरह मेंहदावल के बेलौहा, भौंरा, नगपुर में जमीन के अभाव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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जिले में कोई भी परियोजना जमीन के अभाव में अब रुकने नहीं पाएगी। इसके लिए तहसीलदार सुनील कुमार को भू-लेख अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें जिम्मेदारी दी गई है कि परियोजनावार जमीन का चिन्हांकन करें। जिससे परियोजनाओं पर अमल शुरू हो सकें। अब तक केंद्रीय विद्यालय पंचायत भवन कार्यालय, व्हीकल डिटेंशन, राजकीय नलकूप, पुलिस विभाग के मालखाना, यार्ड, यातायात लाइन, विकास खंड पौली, नाथनगर, बघौली, बेलहर कला, नगर पंचायत बेलहर कला में कान्हा हाऊस, नगर पंचायत हरिहपुर, मेंहदावल, बाघनगर उर्फ बखिरा, बेलहर कला में एसटीपी एमआरपी कल्याण मंडप, पूर्ति विभाग के लिए अन्नपूर्णा भवन, युवा कल्याण के लिए स्टेडियम आदि के लिए जमीन की तलाश शुरू करा दी गई है। जल्द ही इन परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
- महेंद्र सिंह,तंवर, डीएम
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