संतकबीरनगर। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए धनघटा तहसील क्षेत्र के 46 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई है। सड़क के निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया है, लेकिन किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा अभी तक नहीं मिल सका है। जहां सड़क बनाने का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है, वहां के किसान असमंजस में हैं कि अपनी जमीन पर खेती करें या मुआवजा मिलने का इंतजार करें।
जिले की सीमा रामपुर- बारहकोनी से सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। शुरुआती दौर में ही वहां के किसानों ने सड़क निर्माण में जाने वाली अपनी जमीन के मुआवजे की मांग की तो उनको जिम्मेदार अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सड़क का कार्य होने दिया जाए। जल्द ही अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन का मुआवजा उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा, लेकिन किसानों को आश्वासन के सिवा कुछ भी नहीं मिल है। मुआवजा राशि न मिलने से परसा गांव के किसानों ने सड़क के निर्माण का कार्य अपनी गांव की सीमा में रोक दिया। 700 मीटर की लंबाई में कार्यदायी संस्था कार्य शुरू न करके उसके आगे दूसरे गांव की सीमा में कार्य करते हुए आगे बढ़ रही है। मुआवजा राशि अभी तक कहीं के किसानों को नहीं मिली है, इससे किसान इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं कि उनकी जमीन अधिग्रहीत जाए।
किसानों का कहना है कि जमीन जब अधिग्रहीत होती है तो निर्माण कार्य शुरू होने के पहले किसानों को उनकी जमीन का भुगतान कर दिया जाता है। ऐसा नियम भी है, लेकिन यहां के अधिकारी नियमों को दरकिनार करके अपनी मनमानी से किसानों की जमीन पर सड़क बनवा रहे हैं। किसान बताते हैं कि सड़क के किनारे उनके पूर्वजों ने वृक्ष लगाए। उसकी देखभाल की, लेकिन जिस पेड़ को किसानों को काटने का हक था, उसे वन विभाग कटवा कर उठा ले गया। जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों और एनएच के अधिकारियों के बीच कई बार बात भी हुई। हर बार अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जमीन का मुआवजा जल्द किसानों को उपलब्ध करा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक नहीं मिल सका।
अधिकारी अब यह कह रहे हैं कि अभी बजट नहीं है, बजट आते ही मुआवजा दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि जमीन का मुआवजा भी नहीं मिला, सड़क के निर्माण का कार्य चल रहा है। अब यह बात समझ में नहीं आ रही है कि अभी खाली पड़ी जमीन पर खेती करें या मुआवजा राशि मिलने का इंतजार।
इन गांवों से होकर गुजर रहा राम जानकी मार्ग रामपुर, बारहकोनी, सोनहन, परसा, खर्चा, खेवसिया, अमौली, गौव्वा पार, अंजाव, मडपौना, दूल्हा पार, पौली, पारा हरगोविंद, निहैला, बेलदारीजोत, शनिचरा, मुठही कला, बकौली कला, भिऊघाट, गागरगाड, प्रसादपुर, मलौली, भंडा, हैसर बाजार, सोनाडी, सिरसी, डिहवा, टाडा, खाजो, भरवल, बड़गो, मुंडेरा शुक्ल, बसवारी गांव, भगता, बनहैति आदि।
मझधार में फंसे हैं किसान
हमारी 40 डेसिमल से अधिक जमीन राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण में जा रही है। इसी के साथ गांव के तमाम किसानों की जमीन सड़क चौड़ीकरण में जाएगी। किसी को अभी तक मुआवजे के रूप में एक भी रुपया नहीं मिला है। समझ में नहीं आ रहा है कि सड़क में जाने वाली भूमि पर खेती करें या मुआवजा राशि मिलने का इंतजार।
-राजन राय, खाजो
सरकार जब किसानों की जमीन को अधिग्रहीत करके उस पर कोई निर्माण कराती है तो उसका मुआवजा किसानों को काम शुरू होने से पहले देने का प्रावधान है, लेकिन राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य कार्यदायी संस्था के लोगों ने शुरू कर दिया। किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा राशि देना भूल गए हैं। इसके लिए यहां के किसान अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
-मोहम्मद रफीक पूर्व प्रधान सोनहन
एनएच के अधिकारी निर्माण कार्य तो करा रहे हैं, लेकिन किसानों से बात करने नहीं आ रहे हैं। किसानों की जमीन बगैर मुआवजा दिए हड़पने की नियत लग रही है, किसान सड़क के किनारे की कीमती जमीन बगैर पैसे के चले जाने से चिंतित हैं, यहां के लोग छह महीने से अधिक समय से अपनी जमीन का मुआवजा राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अब धान की बुवाई का समय आ गया है। सड़क के किनारे स्थित जमीन पर खेती किया जाए या उसे छोड़ दिया जाए यह बात समझ में नहीं आ रहा है। सरकार को किसानों की समस्याओं का निदान तत्काल करना चाहिए।
-हनुमान यादव, किसान खेवसिया
-
रामपुर बारहकोनी के पास सड़क के चौड़ीकरण का कार्य जब शुरू हुआ, तभी किसानों ने सड़क में जाने वाली अपनी जमीन के मुआवजे की मांग की। कुछ ही दिनों में मुआवजा राशि दिए जाने का आश्वासन देकर अधिकारी सड़क के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया। उसके बाद मुआवजा देना भूल गए। अब हालत यह है कि जिन अधिकारियों ने जल्द किसानों को उनका मुआवजा राशि दिए जाने का भरोसा दिया था, वह लोग सीधे मुंह बात करने को तैयार नहीं हैं। इस समय अधिकारी बजट न होने का बहाना बना रहे हैं। विचारणीय बात है कि सड़क निर्माण के लिए धन की कोई कमी नहीं है और किसानों का मुआवजा राशि भुगतान करने के लिए पैसा ही नहीं है। यह बात गले नहीं उतर रही है। इससे साफ होता है कि किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा राशि देने की नीयत ठीक नहीं है।
-अतीमुल्लाह किसान, बरसा
रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में धनघटा तहसील क्षेत्र के 46 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई है। इसमें 11 गांवों के किसानों को पहले चरण में मुआवजा दिए जाने की प्रकिया पूर्ण कर ली गई है। जिला भूमि अध्यापित अधिकारी बस्ती के जरिये किसानों के खाते में रकम भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। शेष गांवों के किसानों को मुआवजा दिए जाने की पहल की जा रही है।
- ध्रुव अग्रवाल, एक्सईएन एनएच
11 गांवों के किसानों को मुआवजा दिए जाने के लिए 16 करोड़ रुपये मिले हैं। किसानों के खाते में रकम भेजने की तैयारी चल रही है। जल्द ही किसानों के खाते में रकम भेज दी जाएगी। शेष गांवों के किसानों को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।
-विनोद पांडेय, एसएलओ/एसडीएम, हरैया बस्ती