धनघटा। स्वच्छता मिशन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में कचरा प्रबंधन केंद्र का निर्माण होना है। विकासखंड हैंसर बाजार की 16 ग्राम पंचायतों में निर्माण के लिए धन भी अवमुक्त कर दिया गया, लेकिन कई ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक भूमि न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। पंचायती राज विभाग ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर जमीन की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।
प्रथम फेज में विकासखंड की सर्वाधिक आबादी वाली ग्राम पंचायत चपरा पूर्वी और घोरांग में कचरा प्रबंधन केंद्र का निर्माण किया गया। वहां पर गांव से निकलने वाले कचरा को एकत्रित किए जाने का दावा ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी कर रहे हैं। द्वितीय फेज में लहुरे गांव, डेबरी, बसवारी गांव, जिगिना, वराव, औराडाड, भरवल पर्वता, सिरसी, रामपुर दक्षिणी समेत 16 गांवों में कचरा प्रबंधन केंद्र का निर्माण होना है, लेकिन जमीन का विवाद होने से डेबरी में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद रोक दिया गया है। आठ गांवों में जमीन न होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
खंड विकास अधिकारी राम प्रताप पांडेय का कहना है कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए ठोस एवं अपशिष्ट कचरा का प्रसंस्करण कर उपयोग में लाए जाने के लिए प्रसंस्करण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। जिस गांव में जितनी आबादी है, उसके हिसाब से धन का आवंटन किया जा रहा है। सभी ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन केंद्र का निर्माण किया जाना है। फेज टू में 16 ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए धन अवमुक्त कर दिया गया है। कुछ गांवों में जमीन की समस्या है। उसके निस्तारण के लिए राजस्व विभाग के सहयोग मांगा गया है। प्रथम फेज में ग्राम पंचायत चपरा पूर्वी और घोरांग में कचरा प्रबंधन केंद्र का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।