सार्वजनिक शौचालय नहीं, जगह-जगह इकट्ठा है कचरा, सड़कें भी क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। क्षेत्र के बाजारों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के चलते खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों को दिक्कत झेलनी पड़ती है। बाजारों में जगह-जगह जमा कचरे के ढेर से लोगों को रूबरू होना पड़ता है। सार्वजनिक शौचालय और पेयजल की सुविधा न होने से भी लोगों को परेशान होना पड़ता है।
महुली बाजार जहां रविवार और बृहस्पतिवार को बाजार लगता है। यहां डिहवा, किरहिया, बौरिहवा, कुर्मियाना, हटवा सहित आसपास के गांवों से सब्जी की खेती करने वाले किसान अपनी सब्जियां लेकर बेचने पहुंचते हैं। दशकों पुरानी इस बाजार में आज भी घनी बस्ती के बीच बाजार लगता है। दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोग यहां रोजाना सामान खरीदने आते हैं। बाजार में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के चलते ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। व्यापारी नेता दीपक वर्मा ने बताया कि बाजार की साफ-सफाई न होने से यहां जगह-जगह कचरा जमा रहता है। सार्वजनिक शौचालय और पेयजल की व्यवस्था न होने से लोगों को दिक्कत होती है। व्यापारी सुरेंद्र कुमार मद्धेशिया ने बताया कि बाजार में आने वाली सभी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। हल्की से बारिश से जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सड़कों पर कीचड़ हो जाने के कारण यहां के रिहायशी लोगों के साथ ही दुकानदार और ग्राहकों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सप्ताह में मंगलवार और शुक्रवार को नाथनगर में बाजार लगती है। यहां आसपास के गांवों के किसान अपनी सब्जियां बेचने आते हैं। अलीनगर, जमिरा, धोबखरा, मुकुंदपुर, भिटिनी, जसोवर आदि गांवों के काफी संख्या में लोग यहां बाजार के दिन सब्जी व अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी करने आते हैं। बाजार में जल निकासी की व्यवस्था न होने से हल्की सी बारिश से बाजार में कीचड़ हो जाता है। बाजार में आए खरीदार राम चंदर, अमित कुमार, विनय कुमार ने बताया कि बाजार में सार्वजनिक शौचालय व पेयजल की व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी होती है। लोगों ने बाजारों में व्यापक सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।