राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत सितंबर और अक्टूबर 15 में राशन कार्ड धारकों के कार्डों व उनके बैंकखातों को उनके आधार नंबर से लिंक करना था। जिससे मिलने वाली सब्सिडी की धनराशि सीधे मुखिया के खाते में चली जाए। इसमें इंटर स्तर तक की शिक्षा ग्रहण करने वाले सफाईकर्मियों, रोजगार सेवकों को लगाया गया। ड्यूटी पूरी करने के बाद सभी सफाई कर्मी तैनाती वाले गांवों में नहीं लौटे। नवंबर-दिसंबर में हुए त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन में व्यस्तता का हवाला देते हुए तैनाती वाले गांवों में नहीं पहुंचे। इससे सभी गांव की गलियों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। लोगों ने इसकी शिकायत प्रधानों से की। प्रधान उनकी खोज में लगे। नए बने ग्राम प्रधानों को पता ही नहीं कि उनके पंचायत में कौन सफाईकर्मी तैनात है? इसमें ग्राम पंचायत घूरापाली के प्रधान मनभी देवी और नगपुर के प्रधान दूधनाथ तिवारी ने कहा कि उनको पता नही है कि उनके पंचायत में किस सफाईकर्मी की तैनाती है? उन्होंने बताया इसके लिए एडीओ पंचायत से बात करने पर वह कहते है ब्लाक अध्यक्ष से मिलने पर ही पता चलेगा।