श्रम विभाग ने श्रमिकों से मांगा आवेदन, पांच साल तक देनी होगी सेवा
इस्राइल में भवन निर्माण के साथ ही कारपेंटर, फ्रेम वर्क आदि का करना है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। इस्राइल में युद्ध के दौरान उत्पन्न हुई स्थिति और भवनों के निर्माण के लिए जिले से श्रमिक रोजगार के लिए इस्राइल जाएंगे। ये वहां पर भवनों के निर्माण के साथ ही मरम्मत का कार्य करेंगे। इसके एवज में उन्हें हर माह एक लाख 37 हजार रुपये वेतन के रूप में दिया जाएगा। श्रम विभाग ने इसके लिए श्रमिकों से आवेदन मांगा है। ताकि जल्द से जल्द श्रमिकों को इस्राइल भेजा जा सके।
इस्राइल और हमास के बीच युद्ध चल रहा है। इसकी वजह से इस्राइल में काफी नुकसान हुआ है। उस नुकसान को फिर से बेहतर करने के लिए भारत से श्रमिकों की डिमांड इस्राइल सरकार ने की है। श्रमिकों को कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन कार्यरत एजेंसी एनएसडीसी इंटरनेशनल के अधीन भेजा जाएगा। जहां पर श्रमिक सुरक्षित स्थान पर भवन निर्माण से संबंधित कार्य करेंगे। इसमें सिरेमिक टाइल्स, प्लास्टरिंग, फ्रेमवर्क, शटरिंग, कारपेंटर, वेल्डिंग आदि कार्य होना है।
इसमें अगर श्रमिक के पास पासपोर्ट नहीं है तो उसका तत्काल आवेदन कर दें। श्रमिक को इस्राइल में कम से कम एक वर्ष और पांच वर्ष तक की सेवा देना अनिवार्य है। श्रमिक को बोलने तथा पढ़ने का ज्ञान होना चाहिए। इसके साथ ही श्रमिक को तीन वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य होगा। वहां पर उसे हर माह एक लाख 37 हजार रुपये वेतन के रूप में दिया जाएगा। श्रम विभाग ने ऐसे श्रमिकों से आवेदन मांगा है। ताकि जल्द से जल्द श्रमिकों को इस्राइल भेजा जा सके।
कोट
इस्राइल सरकार ने श्रमिकों की डिमांड की है। श्रम मंत्रालय ने ऐसे श्रमिकों से आवेदन मांगा है। इसके लिए श्रमिक श्रम विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
-मनोज कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी