संतकबीरनगर। जमीन खरीदने के पहले पूरी तरह अभिलेख और जमीन मालिक के बारे में जांच-परख लें, नहीं तो दी हुई रकम से हाथ धोना पड़ सकता है। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र, हर जगह बगैर रजिस्ट्रेशन वाले प्रॉपर्टी डीलर सक्रिय हैं। जमीन खरीदने के लिए इनके झांसे में आने पर आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जिला मुख्यालय हो या मगहर कस्बा, अथवा धनघटा तहसील में रामजानकी मार्ग हो या खलीलाबाद-उमरिया बाजार मार्ग, इन सड़कों के बगल जमीन खरीदकर व्यवसाय करने के लिए तमाम खरीदार जमीन की तलाश में जुटे हुए हैं। महुली क्षेत्र में भी जमीन के खरीदारों की लंबी कतार लगी रहती है। अधिक खरीदार होने और जमीन बेचने वालों की कमी के कारण यहां की जमीन की कीमत में रोजाना वृद्धि होती जा रही है।
खरीदार जब जमीन की तलाश नहीं कर पाते हैं तो वे थक-हारकर ऐसे में प्रॉपर्टी डीलरों से संपर्क करने के लिए विवश हो जाते हैं। प्रॉपर्टी डीलर के जरिए दिखाई और बताई गई जमीन का बिना जांच-पड़ताल किए उसका बैनामा भी आनन-फानन में करा लेते हैं। जमीन खरीदने के बाद जब वे दाखिल- खारिज के लिए तहसील में जाते हैं, तब तक जमीन के असली मालिक को पता चल जाता है कि उनकी जमीन की रजिस्ट्री किसी ने कर दी है। दाखिल-खारिज पर आपत्ति लगाने के बाद जमीन का वास्तविक मालिक क्रेता और जालसाजों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराकर अपनी गई हुई जमीन को पाने के लिए तहसील से लेकर कोर्ट तक का चक्कर लगाता है।
ये बरते सावधानी तो नहीं होगी परेशानी
- किसी जमीन को खरीदने से पहले उसके खसरा-खतौनी की जांच कराएं, जमीन का 12 साल का रिकॉर्ड जरूर चेक करवा लें।
- कोई जमीन कहां पर है। उसका भू-उपयोग क्या है। इसके बारे में जानकारी लें। कई बार कृषि जमीन का उपयोग बदल कर गैर कृषि कर दिया जाता है। इस तरह की जमीन की भी जानकारी कर लें।
-जो जमीन आप लेने जा रहे हैं, वह व्यावसायिक है या औद्योगिक जोन में है, तो कतई न खरीदें। ऐसे क्षेत्रों में रिहायशी मकान बनाना अवैध होता है।
- जमीन खरीदने से पहले उसके असली मालिक के बारे में जानकारी जुटाएं, अन्यथा वास्तविक मालिक की जगह दूसरा व्यक्ति खड़ा होकर फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कर देगा।
फर्जी आधार कार्ड बनाकर लंदन में रह रहे व्यक्ति की बेच दी गई जमीन
महुली क्षेत्र के छितही निवासी सहाब अहमद पांच साल से परिवार समेत लंदन में रह रहे हैं। जिले में कई स्थानों पर उनकी जमीन है। वर्ष 2022 में जालसाजों ने फर्जी और कूटरचित तरीके से सहाब अहमद के नाम का आधारकार्ड बनवाया और दूसरे व्यक्ति को सहाब अहमद बनाकर उनकी जमीन की रजिस्ट्री कर दी। इस मामले में अगस्त 2022 में छितही गांव के छह लोगों के अलावा लेखक और रजिस्ट्री ऑफिस धनघटा के अन्य कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था।
मंजू देवी की जगह दूसरी महिला को खड़ा कर करा दिया था बैनामा
धनघटा क्षेत्र के गोपीपुर गांव निवासी मंजू देवी पत्नी स्वर्गीय शोभनाथ पांडेय पति की मौत के बाद से गोरखपुर जिले के सहजनवां में रहती हैं। धनघटा-खलीलाबाद मार्ग पर गोपीपुर गांव के पास उनकी एक विश्वा जमीन है। उस जमीन पर कथित प्रॉपर्टी डीलरों की नजर गड़ी और उसके क्रेता की तलाश में जुट गए। गोरखपुर जिले के बांसगांव क्षेत्र के निवासी एक शख्स को अपने बहकावे में लेकर जमीन का सौदा साढ़े तीन लाख में कर डाला। अप्रैल 2022 में फर्जी आधार कार्ड मंजू देवी के नाम से बनवाकर दूसरी महिला को मंजू देवी के स्थान पर खड़ा करके उनकी जमीन का बैनामा करा दिए। इस बात की जानकारी जब मंजू देवी को हुई तो वह तहसील में पहुंचकर दाखिल-खारिज में आपत्ति दर्ज कराने के साथ फर्जी रूप से बनी मंजू देवी और क्रेता तथा प्रॉपर्टी डीलर के विरुद्ध जालसाजी का केस दर्ज कराई। अब बैनामा निरस्त करने के लिए मामला न्यायालय में चल रहा है।
न्यायालय में अपील करने पर दर्ज हुआ केस
धनघटा क्षेत्र के दूल्हापार गांव निवासी रोशनी पत्नी मुश्ताक की जमीन को दिसंबर 2021 में गांव के कुछ लोगों के सहयोग से रोशनी की जगह दूसरी महिला को खड़ी करके बैनामा कर दिया गया। जब इस बात की जानकारी रोशनी और उसके परिवार के लोगों को हुई तो वे फर्जी विक्रेता, क्रेता और इस मामले में शामिल रहे लोगों समेत उपनिबंधक के विरुद्ध जालसाजी का केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी। पुलिस जब कार्रवाई नहीं की तो वह न्यायालय का शरण लेने को विवश हो गई। न्यायालय के आदेश पर उपनिबंधक समेत 14 लोगों के विरुद्ध जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है।
जमीन के मामले में जालसाजी पकड़े जाने पर कार्रवाई कराई जा रही है। लोगों को भी चाहिए कि जमीन खरीदने से पहले अभिलेखों और वास्तविक जमीन मालिक के बारे में जानकारी जुटा लें, जिससे जालसाजी का शिकार होने से बचें और रुपये भी न गवाएं।
-संदीप कुमार, डीएम