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Sant Kabir Nagar News: होटल पर करते थे नौकरी, 1,000 रुपये की लालच में बन गए अपहरणकर्ता

Wed, 24 May 2023 10:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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पीड़ित हंसराज बावल
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संतकबीरनगर। लालच बुरी बला है, यह कहावत मार्बल व्यापारी के अपहरण में पकड़े गए होटल में काम करने वाले दो आरोपियों पर सटीक बैठ रही है। आरोपी होटल मालिक के कहने पर 1000 रुपये की लालच में दोनों अपहरण की वारदात में शामिल हुए और उन्हें जेल जाना पड़ा।
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गाजीपुर के करंडा क्षेत्र के परमेठ गांव निवासी लक्ष्मीकांत सिंह उर्फ अजय सिंह वर्ष 2006 में पीएसी में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। साल भर छुट्टी पर रहा और वर्ष 2017 में सिपाही की नौकरी छोड़ दी। उसके बाद गोरखपुर की फलमंडी के पास होटल चलाने लगा। वहीं से उसकी जान पहचान बढ़ी तो प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक उसी के होटल पर सिकरीगंज क्षेत्र के सतौरा गांव निवासी आरोपी वासुदेव तिवारी, कैंट क्षेत्र के मोहद्दीपुर का रहने वाला सत्यराज सोनकर और पुलिस की पकड़ से दूर विवेक नौकरी करते थे। जबकि राजस्थान के नागौर जिले के चितावा क्षेत्र के मोतीपुरा निवासी आरोपी नेपाल सिंह फलमंडी के पास चाय की दुकान चलाता था। वहीं से लक्ष्मीकांत सिंह उर्फ अजय सिंह और नेपाल सिंह की जान पहचान हुई थी।
एसपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि नेपाल सिंह पहले से राजस्थान के रहने वाले मार्बल व्यापारी हंसराज को जानता था। उसने ही लक्ष्मीकांत सिंह को बताया कि मार्बल व्यापारी को पकड़ कर डराया-धमकाया जाए तो वह रुपये दे सकता है। दोनों ने मिलकर साजिश रची। आरोपी लक्ष्मीकांत ने अपने होटल में काम करने वाले वासुदेव, सत्यराज सोनकर और पुलिस पकड़ से दूर विवेक को 1000- 1000 रुपये देने की लालच देकर शामिल किया।
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साजिश के मुताबिक फोन करके मार्बल लगवाने के बहाने मार्बल व्यापारी हंसराज को गोरखपुर के नौसढ़ बुलाया और वहीं से कार में बैठाकर आरोपी वासुदेव तिवारी के घर सिकरीगंज क्षेत्र के सतौरा ले गए। जहां व्यापारी को मारपीट कर धमकाया और उससे दो लाख रुपये की मांग की। व्यापारी हंसराज ने फोन करके अपने चचेरे भाई मुकेश बावल से आरोपी लक्ष्मीकांत के खाते में दो बार में 60,000 रुपये भिजवाए भी। शेष रुपये की मांग कर रहे थे। पीड़ित व्यापारी हंसराज ने मोबाइल पर मुकेश को मोबाइल लोकेशन भेज दी। इधर पुलिस भी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। सही लोकेशन मिलने पर पुलिस ने सूचना के चार घंटे के भीतर अपहृत व्यापारी को मुक्त कराते हुए वारदाता में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। संवाद
इंसेट
घटना की कहानी, पीड़ित व्यापारी की जुबानी
मार्बल व्यापारी हंसराज बावल ने बताया कि सोमवार की शाम को उसके मोबाइल पर अनजान काॅल आई और काॅल करने वाले ने मार्बल लगवाने की बात की। फिर मंगलवार को सुबह फोन किया कि नौसढ़ बुलाया और मार्बल लगाने के लिए माप करने को कहा। वह अपने साथी राजेश के साथ बाइक से नौसढ़ गए। जहां यह लोग कार से मिले और कहा कि साथी को यहीं छोड़ दीजिए और कार से चलिए, मार्बल की माप कर लीजिए। उन लोगों पर विश्वास करके वह कार में बैठ गए। वे उन्हें सिकरीगंज होते हुए ले गए। आरोपी वासुदेव के घर के एक कमरे में कैद कर दिया। इन लोगों ने लोहे के नुकीले हथियार से मारपीट भी की। उससे पहले 60 हजार रुपये की मांग की, न देने पर हत्या कर देने की धमकी दी। डर के कारण अपने चचेर भाई मुकेश बावल को फोन करके बताए गए लक्ष्मीकांत के खाते में दो बार में 60 हजार रुपये भिजवाए। फिर 1 .40 लाख रुपये मंगाने का दबाव बनाने लगे। इस पर घर पर फोन किया, स्पीकर ऑन था और आरोपी सामने बैठे थे। डर के कारण वह सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे। मौके की लोकेशन अपने मोबाइल से चचेरे भाई मुकेश बावल को भेज दी। चचेरे भाई मुकेश बावल ने पुलिस को सूचना दी। वह 12 बजे दिन से छह बजे शाम तक आरोपियों के चंगुल में रहे। उसका समय कैसे गुजरा, वह शब्दों में बयां नहीं कर सकता। उसके बाद पुलिस पहुंची और उन्हें मुक्त कराया। उत्तर प्रदेश पुलिस का धन्यवाद है कि उसकी जान बची और वह सुरक्षित पहुंच सका। उसने कहा कि आरोपियों को सख्त सजा मिले, ताकि किसी दूसरे व्यापारी के साथ ऐसा कृत्य करने का साहस न जुटा सकें।
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