बड़गो बसवारी गांव के ताल पोखरो से मिट्टी खनन किए जाने के विरुद्ध प्रदर्शन करते गांव के लोग।संवाद
धनघटा। क्षेत्र के बड़गो बसवारी गांव के ताल पोखरों से मिट्टी खनन को लेकर गांव के लोग और प्रशासन आमने-सामने हो गए हैं। शुक्रवार को खनन कार्य को रोकने के बाद गांव वालों ने प्रदर्शन करके प्रशासन पर जहां मनमाने पन का आरोप लगाया, वहीं प्रशासन ने खनन कार्य की अनुमति दिए जाने की बात कहकर खनन को चालू करा दिया।
जिले की सीमा से होकर जाने वाली सिक्स लेन सड़क के निर्माण में पहले बसवारी गांव के पास से कुआनो नदी के किनारे मिट्टी का खनन किया गया। इस मामले में गांव के लोग जब जबरदस्त विरोध किया गया तो जिला खनन अधिकारी ने अवैध खनन किए जाने का आरोप लगाते हुए कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया। उसके बाद कुछ दिनों तक बसवारी गांव के पास से मिट्टी नहीं निकाली गई।
ग्रामीण विजय कुमार, श्रवण कुमार, जोखन प्रसाद, बेचन प्रसाद, उत्तम कुमार आदि का कहना है कि इधर एक सप्ताह से गांव के तालाब और पोखरे से पोकलैंड के जरिये मिट्टी का खनन किया जा रहा है। गांव के लोग जब खनन किए जाने के आदेश के संबंध में कागजात दिखाने की बात खनन कराने वालों से करते हैं, तो वह कागजात दिखाने से इन्कार कर दे रहे हैं। गांव के लोग खनन कार्य को रोक देते हैं, तो तहसील प्रशासन पुलिस के साथ पहुंचकर खनन कार्य को शुरू करा दे रहा है। शुक्रवार की सुबह जब खनन कार्य शुरू हुआ तो गांव के लोग एकत्रित हो गए और खनन रुकवा दिया। दोपहर 12 बजे तक मिट्टी का खनन नहीं किया जा सका। पोकलैंड मशीन खड़ी रही।
दोपहर बाद एसडीएम और तहसीलदार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और खनन कार्य को चालू करा दिए। जिससे नाराज गांव वालों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
00000000000000
बड़गो बसवारी गांव के तालाब और पोखर से मिट्टी का खनन किए जाने का अनुमति कार्यदायी संस्था को दिया गया है। अनुमति के बाद ही मिट्टी खनन का कार्य कराया जा रहा है।
- डॉ. रविंद्र कुमार, एसडीएम