- साल 2017 में पंडित पुरवा में डेढ़ बीघा जमीन के लिए हुई थी मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। क्षेत्र के पंडित पुरवा में साल 2017 में डेढ़ बीघा जमीन को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी। 17 मई 2019 को विपक्षियों ने रणविजय यादव और उनके बेटे सुरेंद्र यादव की हत्या कर दी। इस मामले में सात लोगों पर हत्या का केस दर्ज हुआ था। घटना में 17 वर्षीय कन्हैया ही बचा था। जो वर्तमान में बुआ के घर रहता है। उसे अभी भी बाबा और पिता के हत्यारों को सजा मिलने का इंतजार है। इस घटना के सभी सात आरोपी वर्तमान समय में हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर है। वर्तमान समय में जिला एवं सत्र न्यायालय में गवाही चल रही है।
मेंहदावल थाना क्षेत्र के पंडित पुरवा निवासी रणविजय यादव और बेचन यादव के बीच भूमि विवाद चल रहा था। उसी को लेकर 17 मई 2019 को विपक्षियों ने रणविजय यादव 60 वर्षीय व उनके बेटे 45 वर्षीय सुरेंद्र यादव को लाठी-डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। पीड़ित के चाचा पप्पू यादव की तहरीर पर बेचन समेत सात लोगों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज हुआ था। मेंहदावल पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया था।
करीब आठ माह बाद हाईकोर्ट से जमानत पर सभी आरोपी छूट गए हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार के इकलौते 17 पुत्र कन्हैया पुत्र सुरेंद्र यादव बचा था। जो अपनी जान बचाने के लिए गांव छोड़कर अपनी बुआ के यहां नौगों रह रहा है। वह कक्षा 11 वीं में है। आरोपियों को सजा दिलाना घर के बचे एकलौते चिराग का मकसद बन गया है। जिला व सत्र न्यायालय में चल रहा वाद अंतिम दौर में है। गवाही चल रही है कई गवाहों के बयान हो चुके हैं मेडिकल करने वाले डॉक्टर का बयान होना है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता श्रीनिवास यादव ने बताया कि पिता-पुत्र की हत्या का मामला जिला कोर्ट में ट्रायल में है। गवाहों की गवाही चल रही है। मुकदमे की विवेचना करने वाले अधिकारी ने पर्याप्त साक्ष्य के साथ आरोप पत्र दाखिल किया है ऐसे में आरोपियों को सजा जरूर होगी।