संतकबीरनगर। जनपद के सेमरियांवा विकास खंड स्थित टेमा रहमत ग्राम पंचायत में हुई वित्तीय अनियमितता के केस की विवेचना लगभग तीन साल में जाकर पूरी हुई। केस में आरोपपत्र दाखिल होने तक सात दरोगाओं ने इसकी विवेचना की। विभागीय अधिकारियों की जांच में 5,78,870 रुपये वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई थी। तत्कालीन एडीओ पंचायत शशिभूषण पांडेय की तहरीर पर ग्राम प्रधान साफिया खातून, सेक्रेटरी मोईनुद्दीन सिद्दीकी व जेई मुख्तार अहमद के विरुद्ध केस दर्ज हुआ था।
टेमा रहमत ग्राम पंचायत में शिकायत के बाद हुई अधिकारियों की जांच में चार कार्यों में जमकर अनियमितता पाई गई। तत्कालीन डीएम दिव्या मित्तल के निर्देश और कड़े रुख के बाद एडीओ पंचायत शशिभूषण पांडेय ने कोतवाली में 21 नवंबर 2020 को टेमा रहमत ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम प्रधान साफिया खातून, ग्राम पंचायत अधिकारी मोईनुद्दीन सिद्दीकी और अवर अभियंता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग मुख्तार अहमद के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत हुआ। इसके बाद केस की विवेचना चलती रही।
ग्राम पंचायत में हुई जांच और अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में गोलमाल की पुष्टि होने के बाद भी विवेचना लटकी रही। कई विवेचक का गैर जनपद ट्रांसफर भी हो गया। इसके बाद भी केस की विवेचना अधूरी रही। 22 अक्तूबर 2023 को पुलिस ने अपनी विवेचना पूर्ण करके आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सात दरोगाओं की विवेचना के बाद दाखिल हुआ आरोपपत्र
केस दर्ज होने के बाद सबसे पहले तत्कालीन चौकी प्रभारी कांटे दीपक कुमार दूबे को विवेचना का जिम्मा सौंपा गया। उनके स्थानांतरण के बाद बलराम पांडेय को वित्तीय अनियमितता की विवेचना मिली। वह अपनी विवेचना पूरी नहीं कर पाए।
इसके बाद से ही क्रमवार एसआई चंदन कुमार, बृजमोहन, श्याममोहन, कामेश्वर मिश्र को विवेचना का मौका मिला। फिर भी विवेचना पूरी नहीं हो सकी। अंतिम में कोतवाली खलीलाबाद में तैनात दरोगा राधेश्याम को केस की विवेचना मिली। उन्होंने 22 अक्तूबर 2023 को आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
कोट
अभियोजन स्वीकृति की वजह से विवेचना में विलंब हुआ। केस में तीनों नामजद आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है।
-बृजेश कुमार सिंह, सीओ सिटी
कोट
मामले में डीपीआरओ से बात करने के साथ ही पत्रावली देखी जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-संतकुमार, सीडीओ