- बैजनाथपुर गांव में प्रधान और कोटेदार के बीच चल रहा विवाद
- एडीओ पंचायत के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। हैंसर बाजार ब्लॉक के बैजनाथपुर गांव में प्रधान और कोटेदार के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रधान की शिकायत पर कोटेदार की जांच हुई तो सोमवार को कोटेदार की शिकायत पर प्रधान के जरिए कराए गए विकास कार्यों की जांच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई।
भाजपा नेता एवं कोटेदार रणविजय सिंह ने जिलाधिकारी को शपथपत्र देकर कहा था कि उनके गांव में कराए गए विकास कार्यों में शामिल चार परियोजनाओं में अनियमितता बरती गई है। जिसकी जांच हो तो बड़ा घपला उजागर होगा। जिलाधिकारी ने जांच कराए जाने का आदेश बीडीओ को दिया।
बीडीओ ने एडीओ पंचायत गजानन पाल के नेतृत्व में जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की। विवादित गांव होने की वजह से टीम के लोग बगैर सुरक्षा के जांच करने जाने से इंनकार किए तो खंड विकास अधिकारी ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर पुलिस बल की मांग की। निर्धारित समय सोमवार को चार उप निरीक्षक और 26 कांस्टेबल के बीच जांच करने के लिए जांच टीम गांव में पहुंची।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि मुन्ना सिंह के घर से गड़ही तक 10 मीटर की लंबाई में चार ह्यूमन पाइप लगवा कर 1 लाख 46 हजार 948 रुपये की निकासी की गई है। जांच टीम ने इसकी भी जांच की। उसके बाद प्राथमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण में तीन लाख से अधिक रुपये का घपला किए जाने का आरोप था उसकी भी जांच की गई। जांच टीम के नेतृत्व कर्ता एडीओ पंचायत गजानन पाल ने बताया कि जांच पूरी कर ली गई है। जांच रिपोर्ट जल्द ही उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।