- मानसिक, शारीरिक, आर्थिक कष्ट तथा मुकदमा खर्चा 60 हजार रुपया, दो माह अदा करे बीमा कंपनी
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता आयोग ने बृहस्पतिवार को एचडीएफसी एग्रो कंपनी को 1.30 लाख रुपये बीमा रकम देने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक, शारीरिक, आर्थिक कष्ट देेने के लिए दोषी पाया। कंपनी को मुकदमा खर्चा का 60 हजार रुपया देने का आदेश दिया है। यह रकम दो महीने में अदा करनी है।
अधिवक्ता रणजीतकुमार चौधरी ने बताया कि मोती नगर मेंहदावाल रोड खलीलाबाद के रहने वाले दीपक विश्वकर्मा ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एचडीएफसी एग्रो जनरल इंश्योरेंस कंपनी तथा एचडीएफसी बैंक शास्त्री नगर खलीलाबाद के विरुद्ध परिवाद दाखिल किया। कहा कि बैंक में बचत खाता खोला है। बैंक में कार्यरत कर्मचारियों के कहने पर उसने और पत्नी सोनी विश्वकर्मा ने स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा एचडीएफसी एग्रो इंश्योरेंस कंपनी से कराया। वह पत्नी का समय-समय पर चेकअप एवं दवा इलाज करता रहा और इसकी सूचना बैंक को देता रहा। बैंक के कर्मियों ने बताया कि डिलीवरी फाइनल हो जाएगा तो समस्त दावा पर्चा व अन्य कागजात भेज दीजिए क्लेम का समुचित निस्तारण कर धनराशि खाते में भेज दी जाएगी। डिलीवरी में 1.30 लाख हजार रुपया खर्च हुआ। परंतु बार-बार दौड़ने के बावजूद भी भुगतान नहीं किया गया। कोर्ट ने साक्ष्य एवं सुनवाई के बाद यह माना की विपक्षी ने बीमा का भुगतान न करके सेवा में घोर लापरवाही बरती है। पीड़ित का परिवाद पत्र स्वीकार करते हुए एचडीएफसी एग्रो इंश्योरेंस कंपनी तथा एचडी एफसी बैंक शास्त्री नगर खलीलाबाद के शाखा प्रबंधक को आदेश दिया कि पीड़ित की पत्नी सोनी विश्वकर्मा के स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा अवधि के दौरान दवा इलाज में हुए खर्च 1.30 लाख रुपया 10 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज सहित 60 दिन के अंदर अदा करें। इसके साथ ही शारीरिक मानसिक व आर्थिक कष्ट के लिए पचास हजार एवं मुकदमा खर्च दस हजार रुपया भी निर्णय की तिथि से 60 दिन के अंदर पीड़ित को दिया जाए।