- मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने गो संरक्षण केंद्र का किया निरीक्षण
- दो पशु मिले बीमार, एक की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डीएम के निर्देश पर शनिवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यशपाल सिंह ने सेमरियावां विकास खंड के गो संरक्षण केंद्र जिगिना स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान रखरखाव व पशुओं के इलाज की व्यवस्था के निर्देश दिए।
पशु चिकित्साधिकारी सेमरियांवा ने अवगत कराया कि आश्रय स्थल पर तीन गोवंश बीमार थे, जिनका उपचार तीन दिन से चल रहा था। इसमें एक गोवंश जो वृद्ध अवस्था में था, उसकी 28 जून को मृत्यु हो गई। दो गोवंश का उपचार पशु चिकित्साधिकारी सेमरियांवा के देख-रेख में किया जा रहा है।
निरीक्षण के समय आश्रय स्थल पर 157 गोवंश संरक्षित मिले, जिनमें शत-प्रतिशत ईयर टैग लगा पाया गया। आश्रय स्थल पर 45 क्विंटल भूसा एवं 20 क्विंटल दाना/चोकर उपलब्ध पाया गया। आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के लिए डेढ़ बीघा हरा चारा बोया गया है। उपस्थित केयर टेकर ने अवगत कराया गया कि पारिश्रमिक का भुगतान माह अप्रैल तक किया गया है।
इसके बाद मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल गरथौलिया का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान आश्रय स्थल पर 26 गोवंश संरक्षित पाए गए। 27 क्विंटल भूसा एवं 50 किग्रा दाना/चोकर संरक्षित पाया गया। आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के लिए दो बीघा हरा चारा बोया गया है। केयर टेकर उपस्थित थे, जिनका पारिश्रमिक माह मार्च तक भुगतान किया गया है। आश्रय स्थल के शेड के मरम्मत की आवश्यकता है, जिसके लिए पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि खण्ड विकास अधिकारी सेमरियांवा से मरम्मत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।