फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: घपले के दोषी प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से वसूली का निर्देश

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

संतकबीरनगर। विकास खंड मेंहदावल के समदा में अमृत सरोवर की जेसीबी से खुदाई मामले में डीएम ने दोषी पाए गए प्रधान, तकनीकी सहायक और सचिव से वसूली का निर्देश दिया है। दुरुप्रयोग की गई 3 लाख रुपये में बराबर- बराबर धनराशि की वसूली तीनों से कराई जाएगी।

विकास खंड मेंहदावल के ग्राम पंचायत समदा में 26 मई को डीसी मनरेगा प्रभात द्विवेदी ने अमृत सरोवर की जांख्की थी। जहां जेसीबी से कार्य कराए जाने का मामला सामने आया था। सीडीओ की रिपोर्ट पर डीएम ने सहायक अभियंता डीआरडीए, बीडीओ मेंहदावल और अवर अभियंता डीआरडीए की कमेटी गठित कर जांच कराई। तकनीकी टीम की रिपोर्ट में माप पुस्तिका के अनुसार 3332.50 घन मीटर मिट्टी की खुदाई की माप कर 5.90 लाख का भुगतान श्रमांश पर कराया गया है। जबकि 27 मई की तकनीकी टीम के सत्यापन के समय 3548 .22 घनमीटर मिट्टी की खुदाई पाई गई। जिसके सापेक्ष कुल 5.90 लाख रुपये श्रम पर आहरित किया गया है। जबकि जांच के समय दक्षिण दिशा में बंधा पर एवं उत्तर दिशा में बंधा पर 1800.90 घनमीटर का कार्य जेसीबी से कराया गया है। जिसकी कुल लागत 300119 .98 रुपये है।
विज्ञापन



डीएम ने तकनीकी रिपोर्ट के बाद पुन: जनपद स्तरीय टीम से जांच कराया। जांच टीम ने अमृत सरोवर पर जेसीबी से 1800 .90 घनमीटर खुदाई कार्य का मूल्यांकन 300119.98 रुपये तय किया। डीएम की ओर से प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। प्रधान ने नोटिस का जवाब दिया। जो संतोषजनक नहीं था।

डीएम संदीप कुमार ने बताया कि जांच में 3 लाख रुपये की वित्तीय अनियमिता पाई गई। सचिव ,तकनीकी सहायक और प्रधान से बराबर- बराबर रुपये की वसूली कराए जाने निर्देश जारी कर दिया है। इसके साथ ही तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई डीसी मनरेगा और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ डीडीओ को तथा प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन


रजनौली में भी दोषियों से वसूली का निर्देश
संतकबीरनगर। विकास खंड हैंसर बाजार के रजनौली में शिकायत पर डीएम ने जांच कराई तो गड़बड़ी सामने आई। यहां भी डीएम ने विभिन्न स्तरों पर जांच कराई थी। पांच जुलाई को उपलब्ध कराई गई आंख्या को आधार मानकर कुल 34689 रुपये की अनियतितता मिली है। डीएम ने बताया कि दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव देवेंद्र नाथ यादव और तत्कालीन सचिव अवनीश कुमार गौड से 5781- 5781 रुपये , तत्कालीन तकनीकी सहायक से 11563 रुपये और तत्कालीन प्रधान राम मिलन यादव से 11564 रुपये की वसूली कराए आने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें