संतकबीरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज विकास गोस्वामी ने मंगलवार को वृद्धा आश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने एक-एक करके सभी बुजुर्गों से बातचीत की और उनको दिए जाने वाले खाद्य पदार्थ एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
अपर जिला जज विकास गोस्वामी ने बताया कि माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 के तहत अपनी आय अथवा अपनी संपत्ति के जरिये होने वाली आय से भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं, वे अपने व्यस्क बच्चों अथवा संबंधितों से भरण-पोषण करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक संवासी कवाल वासी के जरिये बताया गया कि उन्हें वृद्धा पेंशन नहीं मिल रहा है, जिसके संबंध में समाज कल्याण अधिकारी से पत्राचार करने के निर्देश दिए गए।
वृद्धाश्रम में पुरुष और महिला दोनों रहते हैं। उनके रहने, खाने-पीने और चिकित्सा की नि:शुल्क व्यवस्था है। आश्रम के मैनेजर को हिदायत दी कि शुद्ध तथा स्वच्छ नाश्ता, भोजन, कपड़े इत्यादि की व्यवस्था हर हाल में हो, तथा समस्त वृद्धजन अपने अधिकारों से वंचित न रहें। निरीक्षण के दौरान प्रबंधक अंबेकश्वर मणि त्रिपाठी, लेखाकार विनय सिंह, स्टोर इंचार्ज श्याम सुंदर केयर टेकर अभिषेक, पराविधिक स्वयंसेवक बलदेव आदि मौजूद रहे।