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Sant Kabir Nagar News: राप्ती और घाघरा नदी का बढ़ा जलस्तर, तटबंध से सटे गांव के लोग सहमे

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दो दिन में एक मीटर से अधिक बढ़ी राप्ती, घाघरा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की बढ़त
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। राप्ती पिछले दो दिन में एक मीटर बढ़ गई तो वही घाघरा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की बढ़त हुई। नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटबंध से सटे गांव के लोग दहशत में है। ड्रेनेज खंड के अधिकारी तटबंध को पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार राप्ती के जलस्तर में एक बार फिर से तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। घटते जलस्तर के बीच लोग राहत महसूस कर रहे थे, लेकिन सोमवार व मंगलवार के बीच में एक मीटर नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग दहशतजदा हैं। राप्ती से सटे क्षेत्र के लोगों में दहशत है। मंगलवार शाम राप्ती का जलस्तर 76.35 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सुबह राप्ती का जलस्तर 75.50 मीटर था। रविवार को नदी 74.60 मीटर पर बह रही थी। नदी के जलस्तर में बढ़त होता देख कछार क्षेत्र के लोग रतजगा करने को मजबूर हुए हैं। नेपाल के जरिए पानी छोड़ने की चर्चा के बीच तटबंध के किनारे निवास करने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल कायम है। संवेदनशील स्थानों पर राप्ती नदी कटान भी कर रही है। स्थानीय लोगों ने सिंचाई विभाग से सक्रियता तेज करने की मांग की है। क्षेत्र के मानवेंद्र प्रताप सिंह, श्रीराम यादव, जयशंकर, सुनील तिवारी, संदीप सिंह आदि लोगों का कहना है कि राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है, लेकिन इधर दो दिनों में नदी के जलस्तर में करीब एक मीटर की वृद्धि लोगों को डरा रही है क्योंकि अब इधर लगातार बरसात होने की उम्मीद बड़ी है। मौसम विभाग भी झमाझम बारिश की संभावना पहले ही जगा चुका है।फिलहाल राप्ती नदी अभी खतरे के निशान से लगभग तीन मीटर नीचे बह रही है। खतरे का निशान 79.50 मीटर है। एसडीएम मेंहदावल का कहना है कि राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन अभी चिंता की कोई बात नहीं है। तटबंध की निगरानी की जा रही है। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।
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धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी के साथ वृद्धि होने लगी है। सोमवार को नदी का जलस्तर 78.600 मीटर पर था तो मंगलवार को 78.800 मीटर पर पहुंच गया। नदी का पानी एमबीडी बांध की तरफ बढ़ते हुए तटवर्ती गांव के किनारे फैलने लगा है।
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एक सप्ताह तक घाघरा 78. 50 मीटर पर स्थिर रहने के बाद सोमवार शाम से बढ़ने लगी। नदी का पानी बढ़ने से गायघाट दक्षिणी, सरैया, खरैया, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सुअरहा, दौलतपुर, सियरकला आदि नदी के तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू निषाद, सुरेश, कन्हैया लाल, रामजतन, रामफेर, जगरनाथ आदि का कहना है कि नदी के पानी में बढ़ाव होने से मंगलवार सुबह से बाढू के घर के पास बनी पुलिया से पानी निकलकर गांव की तरफ बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी अभी तो धान की फसल के लिए ठीक है, लेकिन अरहर, मक्का, मूंगफली, परवल की फसल बर्बाद हो जाएगी। नदी इसी तरह बढ़ी तो धान की फसल भी नष्ट हो सकती है। गांव से करीब 100 मीटर दूरी पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। गांववालों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान तो अभी नहीं हो रही है, लेकिन पानी घटने के बाद कटान शुरू हो सकती है।

घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, लेकिन तटबंध को कोई खतरा नहीं है, लगातार तटबंध की निगरानी की जा रही है।
सतीश चंद्र, सहायक अभियंता ड्रेनेज खंड
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