संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज में शोध के लिए छात्र-छात्राओं का रुझान बढ़ा है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से कॉलेज को प्री पीएचडी की मान्यता है, जिसके बाद कुल सात विभागों में 29 छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर शोध कर रहे हैं। तीन साल के बाद इन छात्रों को डॉक्टरेट की उपाधि दी जाएगी। इस वर्ष कुछ और छात्रों का नामांकन होना है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध एचआरपीजी कॉलेज में वैसे सभी तरह के विषयों क मान्यता है। इनमें स्नातक, परास्नातक, बीएड के साथ ही एमएससी में विभिन्न विषयों की पढ़ाई होती है। कॉलेज में वर्तमान में तीन हजार के करीब छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। कॉलेज को पिछले साल सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से प्री पीएचडी की मान्यता मिली है। यहां पर हिंदी, भूगोल, प्राचीन इतिहास, राजनीति शास्त्र, वाणिज्य, बीएड, शिक्षा शास्त्र में पीएचडी के लिए छात्रों का रूझान बढ़ा है।
इन विभागों में कुल 29 छात्र विभिन्न विषयों पर शोध कर रहे हैं। कुछ और छात्र महाविद्यालय को मिलने वाले हैं। शोध की अवधि कुल तीन वर्ष की है। उसके बाद इन छात्रों को डॉक्टरेट की उपाधि मिलेगी। एक असिस्टेंट प्रोफेसर को चार और एसोसिएटस प्रोफेसर को छह छात्रों को शोध कराने का नियम है।
प्राचार्य ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अभी 29 छात्र शोध कर रहे हैं। विश्वविद्यालय में परीक्षा हुई है। कुछ और छात्र-छात्राएं कॉलेज को मिलने वाले हैं। कॉलेज में छात्रों की रूचि बढ़ी है।