-दो प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क से होगा शहर का विकास
- महंगी हो गई हैं जमीनें, मानचित्र बनवाना अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहरी क्षेत्र में शामिल 70 गांव की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। साथ ही मकान बनवाने के लिए मानचित्र भी अनिवार्य कर दिए गए हैं। जमीन खरीदने वालों को अब विकास शुल्क के रूप में दो प्रतिशत अतिरिक्त रजिस्ट्री शुल्क जमा करना होगा। इस नए नियम से सरकारी खजाना बढ़ेगा, लेकिन लोगों की जेब ढीली होगी। लोगाें की शिकायत है कि शहर जैसी सुविधा नहीं मिल रही है तो इतना शुल्क क्यों लिया जा रहा है।
शासन ने शहर से सटे व शहरी क्षेत्र में शामिल कसैला, डीघा, बनियाबारी, उस्का खुर्द, सरौली, मैलानी, बड़गो सहित विभिन्न क्षेत्रों में 70 गांवों को शहरी विकास की जद में लिया है। इसे देखते हुए अब यहां रजिस्ट्री कराना महंगा होगा। पूर्व में इन क्षेत्रों में पांच फीसदी रजिस्ट्री स्टांप शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब सात फीसदी कर दिया गया है। जो दो फीसदी अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, वह विकास शुल्क होगा। इससे शहर के विकास पर खर्च किया जाएगा।
मकान बनवाने के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य
शहरी क्षेत्र में शामिल 70 गांवों में अब मकान बनवाने के लिए पहले मानचित्र स्वीकृत कराना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे सुनियोजित तरीके से आवास बनेंगे।
बोले लोग
सर्किल रेट बढ़ाने के बजाय अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा, लेकिन जिनकी पुश्तैनी जमीन है। उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।
- राजेश कुमार, शहरवासी
विकास शुल्क लगाने से जमीन और महंगी हो जाएगी। शहरी सीमा में होने के कारण जमीन पहले ही महंगी थी। अब जमीन खरीदना कठिन हो जाएगा।
- दिनेश चौधरी, शहरवासी
गांव में व्यवसायिक और आवासीय कार्याें के लिए जमीनों की खरीदारी की जा रही है। प्लाटिंग हो रही है। जिससे जमीनों की कीमतें बढ़ गई हैं। जमीन खरीदकर अब मकान बनवाना आसान नहीं होगा।
- अश्वनी पांडेय, शहरवासी
सर्किल रेट को बढ़ाकर ही रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाना चाहिए। इससे किसानों का नुकसान हो रहा है। इस शुल्क से जमीनें और महंगी हो जाएंगी।
- राधिका देवी, शहरवासी
रजिस्ट्री में अब अतिरिक्त शुल्क जमा कराई जा रही है। सूची को और अपडेट किया जा रहा है। दो प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, जिससे शहर का विकास होगा।
- राजेश गुप्ता, सब रजिस्ट्रार