कोई भी अनाथ बीमार व्यक्ति दवा के अभाव में मरने न पाएं, इसके साथ ही सेवा भाव से रेड क्रास सोसाइटी के लोग काम करें। आने वाली पीढ़ी को भी रेडक्रास के महत्व और उसके समर्पण के बारे में स्कूलों तथा सार्वजनिक जगहों पर कैंप लगाकर जागरूक करें। यह विचार जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित रेड क्रास सोसाइटी की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रास का उद्देश्य बहुत ही साफ सुथरा है। मलीन बस्तियों अथवा ऐसे जगहों का चिन्हीकरण किया जाए जहां गरीब तबके के लोग रहते है, ऐसे जगहों पर स्वास्थ्य कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। इन कैंपों में जो गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग पाए जाए, उन्हें जिला स्तर पर अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। अगर उनके बीमारी पर ज्यादा खर्च आता है तो मेरे स्तर से शासन को पत्र लिखकर ग्रसित व्यक्ति को दवा उपचार के नाम पर सरकारी सहायता दिलाई जाने में कोताही न की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के ऐसे लोगों को इस सोसाइटी से जोड़ा जाए, जिनकी उपयोगिता रेडक्रास के लिए की जा सके। बैठक में डीएम के संज्ञान में लाया गया कि जनपद के विद्यालयों में रेडक्रास के नाम पर लिए जाने वाले बच्चों से फीस को रेड क्रास के खाते में जमा कराया जाए। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा को निर्देश दिया कि वह विद्यालयों से धन मंगाकर रेड क्रास के खाते में डलवाएं। जिला विकलांग जन विकास कल्याण अधिकारी विजय कुमार पांडेय ने कहा कि जनपद के 63 बच्चों को चिहिंत किया गया है, जिन्हें कृत्रिम अंग की आवश्यकता है। रेडक्रास समिति के पास पैसा है, उसे अगर खर्च कर दिया जाए तो विकलांगों को कृत्रिम अंग प्रदान किया जा सकता है। इस पर डीएम ने सहमति जताई। इस दौरान रेडक्रास सोसाइटी के राज्य शाखा के प्रबंध समिति हेतु एक प्रतिनिधि का चुनाव किए जाने पर विचार के बाद रोटेरिशन राजकुमार सिंह के नाम पर सहमति प्रदान की गई। नए सदस्य बनाने के लिए कैलाशपति रूंगटा को नामित किया गया। बैठक में आडिट कराए जाने पर भी सहमति दी गई। बैठक में सीएमओ डॉ. आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार वर्मा, डॉ. आलोक सिन्हा, जिला विकास अधिकारी रमेशचंद्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण कुमार दुबे, डॉ. रहमान, डॉक्टर अनिल सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।